मंगलवार, 28 अगस्त, 2007 को 09:34 GMT तक के समाचार
पश्चिमी शैली के सुपरस्टोर्स चला रही रिलायंस रिटेल स्टोर्स ने पश्चिम बंगाल में उनके स्टोर्स को निशाना बनाए जाने के बाद इन्हें बंद कर दिया हैं.
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी शासित पश्चिम बंगाल में वामपंथी दलों के समर्थकों ने खुदरा बाज़ार में उतरे रिलायंस रिटेल स्टोर्स पर पिछले एक पखवाड़े में कई हमले किए हैं.
रिलायंस रिटेल के रघु पिल्लई का कहना है कि कंपनी की संपत्ति और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए इन्हें अस्थाई रूप से बंद किया गया है.
हाल ही में उत्तर प्रदेश में लखनऊ और वाराणसी में भी रिलायंस स्टोर्स को निशाना बनाया गया था.
इसके बाद मायावती सरकार ने इन स्टोर्स को बंद करने के आदेश दिए थे.
रिलायंस की पश्चिम बंगाल में लगभग 2000 करोड़ रुपए की लागत से 100 से अधिक सुपरमार्केट स्टोर्स, पाँच वितरण केंद्र और 14 भंडारण केंद्र खोलने की योजना है.
विस्तार टला
हालाँकि बंगाल की गठबंधन सरकार के अहम दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी इन स्टोर्स को चलाने की अनुमति देने पर सहमत है, लेकिन उसकी सहयोगी फॉरवर्ड ब्लॉक ने इस योजना के विरोध के लिए विपक्षी दलों से हाथ मिला लिया है.
स्टोर्स पर हमलों से व्यथित रिलायंस रिटेल का कहना है कि वह अपने स्टोर्स बंद कर रहा है और फ़िलहाल विस्तार योजना पर अमल रोक दिया गया है.
रघु पिल्लई ने कहा, "हम अपनी कंपनी की संपत्ति की रक्षा करने चाहते हैं. साथ ही अपने कर्मचारियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करना चाहते हैं. इसलिए फ़िलहाल हम अपने स्टोर्स नहीं खोल सकते."
फॉरवर्ड ब्लॉक ने रिलायंस रिटेल के इस फ़ैसले का स्वागत किया है.
पार्टी के नेता अशोक घोष कहते हैं, "यह कामगार वर्ग, खेती के उत्पादों से जुड़े छोटे व्यापारियों की जीत है."
राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने भी इन स्टोर्स का विरोध किया है.
ममता बनर्जी कहती हैं, "राज्य के एक लाख़ से अधिक लोग सब्जियाँ आदि बेचकर अपना और परिवार का गुज़ारा करते हैं. इस क्षेत्र में रिलायंस जैसी बड़ी कंपनी को घुसने की इजाज़त देकर हम उनकी रोज़ी-रोटी नहीं छीन सकते."
पश्चिम बंगाल के उद्योग मंत्री निरुपम सेन का कहना है कि सरकार इस संकट को सुलझाने पर काम कर रही है.
उन्होंने कहा, "रिलायंस ने अपनी योजना निरस्त नहीं की है. हमें इस समस्या का समाधान निकालना होगा और हम इसमें सफल रहेंगे."