शुक्रवार, 24 अगस्त, 2007 को 16:16 GMT तक के समाचार
दुनिया की जानी-मानी मोबाइल फोन निर्माता कंपनी ‘नोकिया’ का कहना है कि भारत उसके हैंडसेटों की बिक्री के मामले में अमरीका को पीछे छोड़ते हुए अब चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार बन गया है.
नोकिया के मुख्य कार्यकारी ओली-पेक्का कालासुवो ने शुक्रवार को अपनी भारत यात्रा के दौरान यह जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि इससे पहले अनुमान था कि भारत 2010 तक अमरीका को पीछे छोड़ते हुए कंपनी का दूसरा सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय बाज़ार बन जाएगा.
आंकड़ों के मुताबिक़ भारत में जुलाई 2007 के आख़िर तक लगभग 11.8 करोड़ मोबाइल फोन धारक थे. यही कारण है नोकिया ने हाल में अपना ध्यान तेज़ी से बढ़ते भारतीय बाज़ार पर केंद्रित किया है.
लोगों की आमदनी में बढ़ोत्तरी और कॉल दरों में भारी कमी से भी मोबाईल धारकों की संख्या में तेज़ी से बढ़ोत्तरी हो रही है और हर महीने लगभग साठ लाख नए लोग मोबाइल ग्राहक बन रहे हैं.
बढ़ता बाज़ार
भारत में नोकिया के प्रबंध निदेशक के मुताबिक देश के कुल 18.5 करोड़ मोबाईल धारकों में से साढ़े आठ लाख हैंडसेट नोकिया के ही हैं.
कंपनी के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2006 के आख़िर तक भारत में नोकिया का बाज़ार 2.7 अरब यूरो पहुँच गया था जबकि अमरीका में कंपनी का व्यापार 2.8 अरब यूरो का था.
कंपनी के मुताबिक वर्ष 2004 में 450 कर्मचारियों के साथ कामकाज शुरू किए जाने के बाद आज भारत नोकिया के प्रमुख बाज़ार के रूप में उभरकर सामने आया है.
भारत में कंपनी के कर्मचारियों की संख्मया नौ हज़ार तक पहुँच गई है.
चेन्नई में लगभग डेढ़ साल पहले कंपनी की एक इकाई की स्थापना हुई थी. इन डेढ़ सालों में यहां छह करोड़ हैंडसेट बनाए गए जिनमें से आधे दुनिया के 58 देशों को निर्यात किए गए हैं.
कंपनी के मुताबिक़ नोकिया ने अप्रैल 2007 से जून के बीच दुनियाभर में लगभग 10.08 करोड़ हैंडसेट बेचे हैं.