शुक्रवार, 10 अगस्त, 2007 को 05:18 GMT तक के समाचार
भारत समेत दुनिया भर के शेयर बाज़ारों में तेज़ गिरावट आई है. शुरुआत अमरीका से हुई जहाँ लोग आवासीय कर्ज़ों की किश्त जमा नहीं कर पा रहे हैं.
शुरुआत अमरीकी शेयर बाज़ारों से हुई जहाँ नैस्डैक और डाऊ जोंस में भारी गिरावट दर्ज की गई.
देखते ही देखते जापान, ऑस्ट्रेलिया, हॉंगकॉंग और सिंगापुर के शेयर बाज़ार भी नीचे आ गए.
मुंबई के तीस प्रमुख शेयरों का सूचकांक सेंसेक्स शुक्रवार को लगभग डेढ़ प्रतिशत की गिरावट के साथ 14 हज़ार 868 पर बंद हुआ, दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स में 231 अंकों की गिरावट दर्ज की गई.
दुनिया भर के शेयर बाज़ारों में चल रहे गिरावट के ताज़ा दौर में सेंसेक्स में कुल साढ़े तीन प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है.
कारण
अमरीका में जिन लोगों ने घर ख़रीदने के लिए कर्ज़ लिए हैं, वे समय से अपनी किश्त ज़मा नहीं करा पा रहे हैं. ये भी संभावना जताई जाने लगी कि कहीं ये विश्वव्यापी वित्तीय संकट का रूप अख़्तियार न कर ले.
इस तरह की आशंक से निपटने के लिए कई देशों में केंद्रीय बैंकों को हस्तक्षेप करना पड़ा.
जापान में शेयर बाज़ार दो फ़ीसदी नीचे जाने के बाद वहाँ के केंद्रीय बैंक ने आठ अरब डॉलर से ज़्यादा की राशि बाज़ार में झोंक दी ताकि गिरावट को थामा जा सके.
ऑस्ट्रेलियाई रिज़र्व बैंक और यूरोपीय केंद्रीय बैंक को भी इसी तरह के क़दम उठाने पड़े.