गुरुवार, 28 जून, 2007 को 11:59 GMT तक के समाचार
रिलायंस उद्योग के प्रमुख मुकेश अंबानी का कहना है कि खुदरा क्षेत्र में उतरने का उद्देश्य आम आदमी का जीवन बेहतर बनाना और रोज़गार के अवसर पैदा करना है.
मुकेश अंबानी को इंडो-यूएस बिज़नेस काउंसिल ने 'ग्लोबल विज़न 2007' पुरस्कार देकर सम्मानित किया है.
अंबानी ने उभरते हुए भारत की तस्वीर प्रस्तुत करते हए कहा कि आज 15 प्रतिशत लोगों के पास 85 प्रतिशत धन है. अंबानी का कहना था कि आने वाले दिनों में सबसे बड़ी लड़ाई समृद्ध और ग़रीब लोगों के बीच होगी.
अमरीका में इंडो-यूएस बिज़नेस काउंसिल के वर्षगांठ समारोह में भाग लेने वाशिंगटन पहुँचे मुकेश अंबानी से बीबीसी संवाददाता ब्रजेश उपाध्याय ने ख़ास बातचीत की.
अब तक औद्योगिक समूह रहे रिलायंस ने इतने बड़े पैमाने पर खुदरा क्षेत्र में जाने का फ़ैसला क्यों किया?
देखिए, धीरूभाई के ज़माने से ही रिलायंस समूह ने हमेशा आम भारतीय का जीवन बेहतर बनाने की दिशा में काम किया है. हमारा हमेशा यही प्रयास रहेगा कि एक आम भारतीय आदमी का जीवन हम आर्थिक दृष्टि से कैसे बदल सकते हैं.
आप आदमी की बात कर रहे हैं मगर आम भारतीय तो कई जगह आपके खुदरा बिज़नेस में आने के विरोध में खड़े दिखाई देते हैं.
मेरे हिसाब से कोई आम भारतीय इसका विरोध नहीं कर रहा है. रिटेल सेक्टर की वजह से रोज़गार के अवसर पैदा होंगे, किसानों को उनकी फ़सल की अच्छी क़ीमत मिलेगी. जब कभी आप कुछ नया करते हैं तो लोकतंत्र में थोड़ा बहुत विरोध तो होता ही है. अंततः यह किसान के लिए और आम आदमी के फ़ायदेमंद है. देखिए, रिटेल ही पूरी दुनिया में एक अकेला ऐसा क्षेत्र है जिसने लाखों लोगों को रोज़गार दिया हुआ है. आज भारत की जो समस्या है वह रोज़गार की समस्या है, भारत के युवाओं को काम चाहिए. मेरे हिसाब से इस तरह के विरोध का कोई मतलब नहीं है.
आप अमरीका आए हैं जहाँ आम तौर पर भारत की आजकल बहुत तारीफ़ हो रही है लेकिन जब व्यापार वार्ताओं का दौर होता है तो यही विकसित देश भारत के ख़िलाफ़ हो जाते हैं, ऐसा क्यों है?
देखिए, हमें समझना चाहिए कि 20 साल पहले तक कोई भारत को पूछता नहीं था, आज भारत विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है. अब भारत को अपना सही स्थान पाना है और हम यह स्थान अपने बलबूते पर बनाएँगे.
जब भी कोई वार्ता होती है तो उसके दो पक्ष होते हैं दोनों अपनी बात रखते हैं. आज हमारे वाणिज्य मंत्री कमलनाथ जी जो कह रहे हैं हम उद्योग जगत की ओर से पूरी तरह उनके साथ हैं. समय आ गया है कि दुनिया के सामने हम अपना जायज़ हक़ मनवा सकें.
भारत इस सदी में अपने बलबूते पर अपना स्थान हासिल करेगा.