शनिवार, 31 मार्च, 2007 को 15:08 GMT तक के समाचार
ज़ुबैर अहमद
बीबीसी संवाददाता, मुंबई
टाटा समूह की कंपनी टाटा पावर ने इंडोनेशिया की दो ताप विद्युत कंपनियों में 30 फ़ीसदी हिस्सेदारी ख़रीद ली है. यह कोरस के बाद टाटा का दूसरे सबसे बड़ा सौदा है.
इस समझौते से टाटा पावर को पश्चिमी भारत में विद्युत संयंत्रों के संचालन में मदद मिलेगी.
टाटा पावर ने यह सौदा लगभग एक अरब डॉलर में किया है. टाटा समूह ने इसी साल शुरू में एंग्लो-डच कंपनी कोरस का अधिग्रहण किया था.
इस समझौते से टाटा पावर को विद्युत संयंत्रों के लिए ईंधन की आपूर्ति हो सकेगी और इससे लगभग सात हज़ार मेगावाट बिजली उत्पादन होगा.
भारत में बिजली की माँग और आपूर्ति के बीच बढ़ती खाई को देखते हुए यह सौदा अहम माना जा रहा है.
टाटा पावर ने जिन कंपनियों में हिस्सेदारी ख़रीदी है, वे हैं पीटी काल्टिम और पीटी अरुट्मिन इंडोनेशिया. सौदे के तहत दोनों कंपनियाँ टाटा पावर को एक करोड़ टन कोयले की आपूर्ति करेंगी.
टाटा पावर गुजरात और पश्चिमी भारत के कई जगहों पर विद्युत इकाई स्थापित करने जा रहा है और इसके लिए उसे लगभग एक करोड़ 10 लाख टन थर्मल कोयले की ज़रूरत है.
टाटा पावर के प्रबंध निदेशक प्रसाद आर मेनन ने इस सौदे पर कहा, "इससे हमे ईंधन की ज़रूरते पूरी करने में मदद मिलेगी और साथ ही कंपनी को घरेलू और विदेशी बाज़ार में विश्वस्तरीय बिजली कारोबार में पैठ बनाने में मदद मिलेगी."
टाटा पावर अभी 2300 मेगावाट बिजली उत्पादन करता है.