शुक्रवार, 23 मार्च, 2007 को 18:13 GMT तक के समाचार
ब्रिटिश नौसेना के 15 जवानों को बंधक बनाए जाने की घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल क़ीमतें इस साल के सर्वोच्च स्तर पर पहुँच गई है.
जैसे ही ख़बरें आईं कि ईरानी सुरक्षाकर्मियों ने बंदूक की नोक पर ब्रिटिश नौसैनिकों को बंधक बना लिया है, बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमत 62 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुँच गई जो पिछले साल दिसंबर के बाद का सर्वोच्च स्तर है.
लंदन में ब्रेंट क्रूड का भाव 63.68 डॉलर प्रति बैरल पर चार माह के सर्वोच्च स्तर पर पहुँच गया.
ईरान ख़ुद अग्रणी तेल उत्पादक देश है और अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के साथ उसके बिगड़ते रिश्तों के कारण तेल कारोबार के निवेशकों में चिंता का माहौल है.
तेल कारोबार से जुड़े एक विश्लेषक जॉन किल्डफ़ का कहना है कि शुक्रवार को हुई इस घटना का बाज़ार पर बुरा असर पड़ सकता है.
घटना
बताया जा रहा है कि ब्रितानी नौसैनिकों को अरब के जलमार्ग के पास कुछ ईरानियों ने अगवा कर लिया है. ये नौसेना कर्मचारी उस वक्त गश्त पर थे.
जिस वक्त इन नौसेना कर्मचारियों को अगवा किया गया उस वक्त वो एक वो नाव को कब्जे में लेने का प्रयास कर रहे थे.
इन सैनिकों को उस समय पकड़ा गया जब वे उस नौका में सवार हो रहे थे जिसके बारे में उनका संदेह था कि उसमें वाहनों की तस्करी की जा रही है.
नौसेना कर्मचारियों का यह दस्ता दो नावों पर सवार था. ये सभी तश्करी रोकने के लिए गश्त पर थे.
रॉयल नेवी का कहना है कि वह एचएमएस कॉर्नवाल जलपोत पर सवार इन सैनिकों को छुड़ाने के पूरे प्रयास कर रही है.
ब्रितानी सरकार ने अपने सभी नौसेना कर्मचारियों और उपकरणों को तत्काल सुरक्षित लौटाने के लिए कहा है.
विदेश मंत्री मार्गरेट बेकेट ने नौसेना के इन कर्मचारियों की तुरंत रिहाई सुनिश्चित कराने पर बात करने के लिए ईरानी राजदूत को विदेश मंत्रालय तलब किया है.