बुधवार, 14 मार्च, 2007 को 13:28 GMT तक के समाचार
विदेशी शेयर बाज़ारों में आई मंदी का असर भारत के शेयर बाज़ार पर भी पड़ा और बिकवाली की आपाधापी में सेंसेक्स बुधवार को 453 अंक नीचे बंद हुआ.
यूरोपीय और एशियाई देशों के शेयर बाज़ार खुलते ही दबाव में आ गए. बिकवाली के माहौल में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी भी नहीं बच सके और दोनो में क़रीब साढ़े तीन फ़ीसदी की गिरावट आई.
सेंसेक्स 453.36 अंक यानी 3.49 फ़ीसदी की गिरावट के साथ 12529.62 अंक पर बंद हुआ. जबकि निफ्टी 129.45 अंक यानी 3.43 फ़ीसदी लुढ़कर 3641.10 पर बंद हुआ.
बाज़ार के जानकारों का मानना है कि भारतीय बाज़ार में गिरावट की वजह वैश्विक मंदी ही है.
अमरीका में आवास ऋणों के डूबने की आशंका और खुदरा बाज़ार में मंदी से ज़बर्दस्त बिकवाली हुई.
विश्लेषकों का कहना है कि बाज़ार में उतार-चढ़ाव का दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रहने का अनुमान है. हालाँकि तेज़ी से मजबूत हो रही भारतीय अर्थव्यवस्था से निवेशकों के लिए चिंतित होने की ज़रूरत नहीं है.
शेयर गिरे
बुधवार को बीएसई में 1798 शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 751 शेयरों में मुनाफ़ा रहा, जबकि 66 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ.
कुल मिलाकर बीएसई में 4284 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ, जबकि मंगलवार को ये कारोबार 4193 करोड़ रुपए रहा था.
नुक़सान उठाने वालों में आईसीआईसीआई, भारती एयरटेल, सत्यम, आईटीसी, इंफोसिस, टाटा मोटर्स और मारुति उद्योग जैसी कंपनियों के शेयरधारक रहे.
उल्लेखनीय है कि सेंसेक्स ने इस साल आठ फरवरी को सर्वाधिक 14652.09 अंकों का शिखर छुआ था.