गुरुवार, 01 मार्च, 2007 को 18:34 GMT तक के समाचार
दुनियाभर के अधिकतर शेयर बाज़ारों में लगातार तीसरे दिन भी अर्थव्यवस्था और कंपनियों के मुनाफ़े में कमी की आशंका के कारण गिरावट का दौर जारी रहा.
यूरोप और एशिया के अलावा अमरीकी बाज़ारों में भी गिरावट देखी गई.
अमरीका के डाउ जोन्स के सूचकांक में 0.5 फ़ीसदी की गिरावट देखी गई जबकि नैस्डैक में 1.1 फ़ीसदी की गिरावट आई.
ब्रिटेन के फ़ुटसी (एफ़टीएसई) शेयर बाज़ार में दो फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई. पिछले तीन दिनों में यह 6 फ़ीसदी गिरा है.
जापान का निक्की 225 इंडेक्स 0.9 फ़ीसदी के निचले स्तर पर बंद हुआ. हाँगकाँग के हैंग सेंग सूचकाँक में भी 1.6 फ़ीसदी की गिरावट देखी गई.
दरअसल शेयर बाज़ारों में गिरावट की शुरुआत चीन के शंघाई शेयर बाज़ार में मंगलवार को आई ज़बर्दस्त गिरावट से हुई.
चीन सरकार ने ग़ैरक़ानूनी शेयर कारोबार को रोकने की कोशिश के तहत घोषणा की थी कि शेयर बाज़ार से होने वाली आमदनी पर पूंजी कर लगाया जा सकता है. इसके बाद लोगों ने शेयर बेचना शुरू कर दिया.
इससे चीन के शंघाई सूचकांक में मंगलवार को नौ प्रतिशत की गिरावट देखी गई जो पिछले एक दशक में सबसे ख़राब दिन था.
चीन के शेयर बाज़ार में हुई इस हलचल का असर यूरोप और अमरीका के शेयर बाज़ारों पर भी पड़ना शुरू हो गया.
बहुत से निवेशकों के लिए हाल के समय में चीन का शेयर बाज़ार काफ़ी आकर्षक रहा है और चीन का मुख्य शेयर सूचकाँक पिछले एक साल में लगभग दोगुना हो गया है.
इसके बाद ब्रिटेन, एशियाई, यूरोपीय और अमरीकी शेयर बाज़ारों में बड़ी हलचल देखी गई है.
भारत के शेयर बाज़ार भी इससे प्रभावित हुए बिना नहीं रहे.