बुधवार, 28 फ़रवरी, 2007 को 07:30 GMT तक के समाचार
भारत सरकार ने एक बार फिर रक्षा बजट में 7.8 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोत्तरी करने की घोषणा की है.
इस बढ़ोत्तरी के साथ भारत ने दुनिया की सबसे बड़ी सेना के आधुनिकीकरण की योजना को जारी रखने की घोषणा की है.
वर्ष 2007-08 के लिए बजट पेश करते हुए वित्तमंत्री पी चिंदबरम ने कहा है इस वर्ष रक्षा बजट में 960 अरब रुपए का प्रावधान किया गया है.
पिछले साल रक्षा बजट में 890 अरब रुपए का प्रावधान किया गया था.
वर्ष 2006-07 के बजट में सरकार ने 60 अरब बढ़ाकर 890 अरब रुपए किया गया था.
यह प्रावधान भारत के सकल घरेलू उत्पाद का ढाई प्रतिशत से कुछ अधिक है.
हालांकि कहा जा रहा है कि यह बढ़ोत्तरी महंगाई के अनुरुप ही है.
विकासशील देशों में भारत हथियारों का सबसे बड़ा ख़रीददार है.
भारत के पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान भी अपनी सेना पर बड़ा खर्च करते हैं.
भारतीय सेना को इस समय बड़ी संख्या में लड़ाकू विमानों, हेलिकॉप्टरों, मालवाहक विमानों, मिसाइलें और राडार खरीदना है.
हालांकि रक्षा विभाग ने इससे ज़्यादा बढ़ोत्तरी की मांग की थी.
लेकिन यह भी एक तथ्य है कि हथियार ख़रीदी और आधुनिकीकरण के लिए निर्णय लेने की प्रक्रिया में होने वाली देरी के कारण पिछले वर्षों में बजट प्रावधान की राशि भी पूरी तरह से खर्च नहीं की जा सकी थी.