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गुरुवार, 22 फ़रवरी, 2007 को 19:31 GMT तक के समाचार

महँगाई पर निगरानी के लिए विशेष सेल

बढ़ती महँगाई दर से परेशान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कीमतों से जुड़ी कैबिनेट समिति के बैठक में एक विशेष निगरानी सेल स्थापित करने का निर्णय लिया है.

कृषि मंत्री शरद पवार ने आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति को उनके विभाग की ओर से उठाए गए क़दमों की जानकारी देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में गेहूँ, दाल, सब्जियों और फलों की नई फसल मंडियों में पहुँच जाएगी.

यह बैठक ख़ास कर खाद्य पदार्थों के दामों की समीक्षा करने के लिए बुलाई गई थी.

वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने पत्रकारों को कैबिनेट समिति की बैठक की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि कीमतें कम आपूर्ति के कारण बढ़ी हैं और जैसे-जैसे नई फसल मंडियों में पहुँचेगी, दाम कम होंगे.

हालाँकि प्याज की बढ़ती कीमत के बारे में पूछे जाने पर वो थोड़े नाराज दिखे. उन्होंने कहा, "प्याज की आपूर्ति बढ़ाने के लिए मेरे पास कोई जादू की छड़ी नहीं हैं. प्याज का उत्पादन जब बढ़ेगा तभी तो आपूर्ति में सुधार होगा."

सरकार की उम्मीदें नई फसल पर टिकी हैं लेकिन संसद सत्र शुरू होने के एक दिन पहले यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता गुरुदास दासगुप्ता ने कहा कि बढ़ती कीमतों के लिए सरकार सीधे तौर पर ज़िम्मेदार है.

उनका कहना था खाद्य पदार्थों में वायदा कारोबार को मंजूरी देना सरकार का जघन्य अपराध है. दासगुप्ता ने कहा कि सरकार ने गेहूँ और चावल की जमाखोरी होने दी, अधिक मात्रा में गेहूँ की खरीद नहीं की.

सीपीआई नेता का कहना था कि ऑस्ट्रेलिया से एक हज़ार रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ आयात किया गया जबकि यहाँ के किसानों को प्रति क्विंटल 560 रुपए का भाव दिया जा रहा है.

उन्होंने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री पी चिदंबरम लोगों को शब्दों के जाल में फँसाने की कोशिश कर रहे हैं.