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मंगलवार, 13 फ़रवरी, 2007 को 15:53 GMT तक के समाचार

मोबाइल फ़ोन का एक और इस्तेमाल

भारत से बाहर बसे प्रवासियों के लिए अब घर पैसा भेजना और भी आसान हो जाएगा.

मोबाइल फ़ोन ऑपरेटरों की संस्था जीएसएम अब इस काम को मोबाइल फ़ोन के ज़रिए सुलभ कराने जा रही है.

इस व्यवस्था के तहत लोगों को अपने मोबाइल पर नक़द राशि चढ़वानी होगी और स्वदेश में उस व्यक्ति का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराना होगा जिसे वह पैसा भेजा जाना है.

पैसा जमा होते ही वसूल करने वाले को एक टेक्स्ट मैसेज मिल जाएगा जिसे दिखा कर वह संबद्ध जगह से यह राशि वसूल कर सकता है.

इस क़दम को सौ देशों में बसे छह करोड़ उपभोक्ताओं का प्रतिनिधित्व कर रही 19 मोबाइल कंपनियों का समर्थन हासिल है.

इनमें वोडाफ़ोन और टेलीकॉम इतालिया भी शामिल हैं.

इस व्यवस्था के तहत राशि भेजने पर आने वाला ख़र्चा भी कम हो जाएगा.

उदाहरण के तौर पर इस समय 200 डॉलर भारत भेजने पर 15 से 26 प्रतिशत तक का भुगतान करना होता है. यह राशि अब इससे कहीं कम हो जाएगी.

दुनिया भर में एक अरब से भी कम लोगों का बैंक खाता है जबकि लगभग तीन अरब लोगों के पास मोबाइल फ़ोन हैं.

जीएसएम ऐसोसियेशन का अनुमान है कि यह व्यवस्था यदि कामयाब होती है तो अंतरराष्ट्रीय मुद्रा का लेनदेन डेढ़ अरब लोगों तक पहुँच जाएगा.

भारत की सबसे बड़ी मोबाइल कंपनी भारती एयरटेल के अध्यक्ष सुनील मित्तल का कहना है कि इस योजना से भारत जैसे विकासशील देशों के लोगों को भारी फ़ायदा होगा.

भारत में मोबाइल सेवा का विस्तार दुनिया में किसी भी देश के मुक़ाबले सबसे तेज़ी से हो रहा है और दुनिया भर में जितनी भी विदेशी मुद्रा बाहर भेजी जाती है उसमें से दस प्रतिशत भारत आती है.