नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर
ऊँट को अपनी पीठ पर बोझ ढ़ोते तो सभी ने देखा है. लेकिन राजस्थान के पर्यटन स्थल जैसलमेर में ऊँट अपनी भारी देह पर बैंकिंग सुविधा लेकर भी चलता है.
जैसलमेर के मरुस्थल में तीन दिन तक सजे-धजे ऊँटों पर इस मोबाइल बैंक ने देशी-विदेशी सैलानियों को मौक़े पर ही मुद्राविनिमय जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराईं.
हालाँकि गत वर्ष की अपेक्षा इस बार ऊँट पर बने मोबाइल बैंक का कारोबार कमज़ोर रहा.
स्टेट बैंक ऑफ़ बीकानेर ऐंड जयपुर और बैंक ऑफ़ बड़ौदा कोई दो दशक से जैसलमेर में ऊँट पर बैंकिंग सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं.
स्टेट बैंक के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक बीवी जगाणी का कहना है कि इस बार उनके ऊँट पर चलते बैंक ने तीन दिन में कोई दस लाख का कारोबार किया.
हालांकि गत वर्ष इसी बैंक ने 23 लाख का कारोबार किया था.
बैंक अधिकारियों के मुताबिक इस बार सैलानियों की कम संख्या से कारोबार प्रभावित हुआ.
ऊँट पर चलता यह बैंक दो दिन तक जैसलमेर के उन स्थानों पर फेरी लगाता रहता है, जहाँ विदेशी पर्यटकों का जमावड़ा रहता है. जबकि एक दिन यह बैंक रेतीले टीलों पर सैलानियों को बैंकिंग सुविधा मुहैया कराता है.
ऑनलाइन बैंकिंग, एटीएम और दूसरी आधुनिक सुविधाओं के बीच यह अनूठा बैंक मरू मेले के दौरान पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना रहता है.
बड़ौदा बैंक के स्थानीय अधिकारी मदन सिंह राठौर कहते हैं विदेशी पर्यटक इसे बेहद पसंद करते हैं.
स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर ऐंड जयपुर के प्रबंधक जगाणी कहते हैं कि 80 के दशक में जब ऊँट पर चलित बैंक शुरू किया गया तब न तो कोई ऑनलाइन बैंकिंग थी न ही एटीएम. पर रेत के सागर में इस बैंक की आज भी उपयोगिता है.