गुरुवार, 21 दिसंबर, 2006 को 21:04 GMT तक के समाचार
यूरोपीय कंपनी वोडाफ़ोन ने कहा है कि वह भारतीय मोबाइल कंपनी हचिसन एस्सार में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के लिए बोली लगाने पर विचार कर रही है.
ख़बरें हैं कि वोडाफ़ोन भारत की मोबाइल कंपनी हचिसन एस्सार को ख़रीदने के लिए 13.5 अरब डॉलर तक की बोली लगा सकती है.
यूरोप में लगातार व्यापार विकास की मंद गति की वजह से कंपनी तेज़ी से बढ़ रही अर्थव्यस्थाओं में निवेश कर रही है, यह कदम कंपनी की इसी नीति का हिस्सा है.
शुक्रवार को लंदन में शुरुआती कारोबार में कंपनी के शेयर का भाव एक प्रतिशत गिर गया क्योंकि निवेशकों को चिंता है कि कंपनी को इस महत्वपूर्ण सौदे के लिए ज़रुरत से ज्यादा कीमत अदा करनी पड़ सकती है.
हाँगकाँग स्थित कंपनी हचिसन टेलीकम्युनिकेशंस ने शुक्रवार को कहा कि हचिसन-एस्सार में उसकी 67 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए कई कंपनियों ने उससे संपर्क साधा है.
वोडाफोन के पास पहले से ही भारत की नंबर एक मोबाइल कंपनी एयरटेल की दस फीसदी हिस्सेदारी है लेकिन कंपनी विश्व के सबसे तेज़ी से बढ़ रहे मोबाइल बाज़ार में अपनी मौजूदगी को और मज़बूत करना चाहती है.
भारत में कोई विदेशी हिस्सेदार मोबाइल कंपनी में 74 प्रतिशत तक हिस्सेदारी रख सकता है.
वोडाफोन ने कहा कि वह इस सौदे और उसकी कीमत से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा कर रही है.
कंपनी ने कहा, "वोडाफोन का विश्वास है कि भारत के मोबाइल बाज़ार में असीम संभावनाएँ हैं और यही कारण है कि कंपनी हचिसन एस्सार में निर्णायक हिस्सेदारी खरीदने के बारे में सोच रही है".
भारत का मोबाइल फ़ोन बाज़ार दुनिया का सबसे तेज़ी से बढ़ता हुआ बाज़ार है. हर महीने 60 लाख नए उपभोक्ता जुड़ रहे हैं.
अन्य दावेदार
वोडाफोन की दिलचस्ती इस समय मिस्र, रोमानिया और भारत जैसे उभरते हुए बाज़ारों में है और इसी महीने हुए निवेशक सम्मेलन में ऐसे बाज़ारों में कंपनी के प्रसार की नीति को स्पष्ट कर दिया था.
पिछले कुछ समय में कंपनी जापान, बेल्जियम और स्विट्ज़रलैंड जैसे बाज़ारों से बाहर आकर उभर रही
अर्थव्यवस्थाओं में निवेश कर रही है.
हालाँकि वोडाफ़ोन को भारत की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस से मुक़ाबला करना पड़ सकता है क्योंकि वह भी इस सौदे के लिए बोली लगाने की तैयारी में है.
अगर हचिसन-एस्सार को रियालंस खरीदने में सफल होती है तो सीधे हचिसन-एस्सार के दो करोड़ उपभोक्ता उससे जुड़ जाएँगे और वो सीधे नंबर एक कंपनी बन जाएगी.
इसके अलावा भारतीय मीडिया के मुताबिक मलेशिया की टेलीकॉम कंपनी मैक्सिस और मिस्र की कंपनी ओरेस्कॉम ने भी हचिसन एस्सार में हिस्सेदारी खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है.
बीबीसी के भारत संपादक संजीव श्रीवास्तव का कहना है कि यदि रिलायंस और वोडाफ़ोन के बीच बोलियाँ की होड़ लगती है तो मामला कोरस स्टील कंपनी की तरह दिलचस्प हो सकता है.