सोमवार, 11 दिसंबर, 2006 को 00:16 GMT तक के समाचार
एंग्लो-डच स्टील कंपनी के अधिग्रहण मामले में एक नया मोड़ आ गया है. कोरस ने भारत की टाटा स्टील कंपनी की नई बोली स्वीकार करने के कुछ घंटे बाद ही ब्राज़ील की कंपनी सीएसएन की बोली मंज़ूर कर ली है.
टाटा ने कहा है कि वो स्थिति का जायज़ा ले रही है. अंतिम फ़ैसला कोरस के शेयरधारकों को लेना है.
सीएसएन की नई बोली में करीब साढ़े नौ अरब डॉलर की पेशकश की है. टाटा ने इस सौदे के लिए 9.2 अरब डॉलर देना स्वीकार किया था.
सौदे के लिए भारत की टाटा स्टील कंपनी और ब्रीज़ील की स्टील कंपनी सीएसएन दोनों ज़ोर लगा रहे हैं.
कुछ घंटे पहले ही कोरस और टाटा ने संयुक्त बयान जारी किया था. उसमें कहा गया था कि टाटा ने प्रति शेयर 500 पेंस की बोली लगाई है जो उसकी पहली बोली 455 पेंस प्रति शेयर से कोई 10 प्रतिशत ज़्यादा है.
टाटा से हुए सौदे के बारे में कोरस के चेयरमैन जिम लैंग का कहना था, "अधिग्रहण के लिए टाटा की नई बोली उसकी पिछली बोली से पर्याप्त अधिक है."
पाँचवी बड़ी कंपनी
अगर टाटा की ओर से ये अधिग्रहण पूरा होता है तो टाटा स्टील कंपनी दुनिया की पाँचवी सबसे बड़ी स्टील कंपनी बन जाएगी.
टाटा और कोरस के एक हो जाने की सूरत में टाटा कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता 20 मिलियन (दो करोड़) टन प्रति वर्ष से अधिक हो जाएगी.
इसके साथ ही भारत भी स्टील उत्पादन के क्षेत्र में एक ताकतवर औद्योगिक देश बनकर उभर सकता है.
लेकिन सीएसएन की दावेदारी के बाद पूरा मामला फिर पलट गया है.