सोमवार, 27 नवंबर, 2006 को 09:00 GMT तक के समाचार
दूरसंचार के क्षेत्र की जानी-मानी भारतीय कंपनी भारती एयरटेल अब रिटेल बाज़ार में उतर रही है और उसने अमरीकी कंपनी वालमार्ट के साथ साझा कारोबार के लिए क़रार किया है.
समाचार एजेंसियों के अनुसार कंपनी ने एक बयान में कहा कि भारत में फुटकर व्यापार की संभावनाओं को खोजने के लिए दोनो कंपनियों ने सोमवार को सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए.
इस क़रार के बाद दोनो कंपनियों के पास भारत में फुटकर व्यापार का अध्ययन करने और तय दिशानिर्देशों के अनुसार साझा कारोबार की संभावनाओं का पता लगाने का मौका होगा.
भारती और वालमार्ट के बीच पिछले कुछ समय से बातचीत चल रही थी. भारती ने ब्रिटेन की फुटकर कंपनी टेस्को और फ्रांस की कारफ़ोर के साथ भी बातचीत की थी, लेकिन वार्ता परवान नहीं चढ़ सकी.
वालमार्ट पर सामान की ढुलाई, इसकी आपूर्ति और अन्य कामों को अंजाम देने की ज़िम्मेदारी होगी.
ग़ौरतलब है कि भारत ने एक ही ब्राँड बेचने वाली कंपनियों को देश में फुटकर व्यापार में 51 फ़ीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की इज़ाज़त दी है.
दुनिया भर में कई ब्राँड के साथ फुटकर व्यापार करने वाली कंपनियों को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश से रोका गया है, लेकिन वे साझेदारी से भारत में व्यापार कर सकती हैं.
समाचार एजेंसियों के अनुसार भारत में हर साल क़रीब 10 से 15 हज़ार अरब रुपए का फुटकर व्यापार होता है और इस पर अभी तक छोटे-छोटे दुकानदारों का दबदबा है.
एजेंसियों का कहना है कि बाज़ार विश्लेषकों मानते हैं कि वर्ष 2015 तक फुटकर व्यापार दोगुना होने की उम्मीद है.