सोमवार, 20 नवंबर, 2006 को 10:03 GMT तक के समाचार
लंदन स्टॉक एक्सचेंज ने उसके अधिग्रहण के लिए अमरीका के नैसडैक की 5.1 अरब डॉलर की बोली एक बार फिर ठुकरा दी है.
नैसडैक ने ये भी कहा था कि उसने एलएसई के 70 लाख शेयर खरीदने के लिए 8 करोड़ 78 लाख पाउंड दिए हैं.
नैसडैक के पास पहले से ही लंदन स्टॉक एक्सचेंज के 25 फ़ीसदी शेयर हैं. अब उसकी हिस्सेदारी 28.75 फ़ीसदी हो गई है.
अधिग्रहण की ख़बरों के बीच पिछले एक साल में लंदन शेयर बाज़ार में शेयरों के भाव में 124 से भी ज़्यादा फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है.
न्यूयॉर्क एक्सचेंज समेत कई विदेशी एक्सचेंजों ने एलएसई से अधिग्रहण के बारे में बातचीत की है.
नैसडैक के अध्यक्ष रॉबर्ट ग्रेफ़ेल्ड ने ताज़ा पेशकश के बारे में कहा था, "दो मज़बूत संस्थानों के एक साथ काम करने की संभावना को लेकर हम काफ़ी उत्साहित हैं."
'पुनर्विचार नहीं'
नैसडैक ने एक बयान में कहा था कि अगर उसकी पेशकश स्वीकार कर ली जाती है तो उसकी योजना लंदन और न्यूयॉर्क दोनों जगह लिस्ट करने की है.
नैसडैक ने कहा है कि अगर कोई और कंपनी लंदन स्टॉक एक्सचेंज के लिए दावेदारी पेश नहीं करती तो वो अपनी अंतिम पेशकश पर पुनर्विचार नहीं करेगा.
एलएसई के अधिग्रहण का नैसडैक का ये दूसरा प्रयास है.
बीबीसी के व्यापारिक मामलों के संपादक रॉबर्ट पेस्टन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि इस बात की काफ़ी संभावना है कि एलएसई नैसडैक की पेशकश ठुकरा देगी.
उनका कहना था," एलएसई शायद ये पेशकश ठुकरा दे, वो कहेगी कि व्यापार काफ़ी तेज़ी से बढ़ रहा है और नैसडैक मौके का फ़ायदा उठा रहा है."
ब्रिटेन में इस बात को लेकर चिंता जताई जा रही थी कि कोई विदेशी संस्थान एलएसई का अधिग्रहण कर सकता है.
हालांकि नैसडैक ने कहा था कि ब्रिटेन का स्टॉक एक्सचेंज ब्रितानी वित्तीय सेवा के तहत ही चलता रहेगा.
लंदन स्टॉक एक्सचेंज पहले भी अधिग्रहण की पेशकशें ठुकराता रहा है. उसका कहना है कि वो अकेले आगे बढ़ सकता है.
लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि नैसडैक मज़बूत स्थिति में है और अगर स्टॉक एक्सचेंजों को आगे बढ़ते रहना है तो उन्हें आपस में विलय करना होगा.