मंगलवार, 31 अक्तूबर, 2006 को 08:57 GMT तक के समाचार
भारतीय रिज़र्व बैंक ने अहम ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है ताकि घरों के लिए कर्ज़ समेत प्रमुख व्यापारिक ब्याज दरों में स्थिरता बनी रहे.
रिज़र्व बैंक के गवर्नर वाईवी रेड्डी ने मुंबई में मंगलवार को मुद्रा और कर्ज़ नीति की घोषणा करते हुए मुद्रास्फ़ीति की दर पर काबू पाने के कुछ कदम उठाए हैं.
इस समय मुद्रास्फ़ीति की दर करीब पाँच प्रतिशत है.
समाचार एजेंसियों के अनुसार आरबीआई ने रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि की है जो सात प्रतिशत से 7.25 प्रतिशत जा पहुँचा है.
आरबीआई बैंकों से अल्पावधि के लिए जिस दर पर उधार लेता है वह रेपो रेट कहलाता है.
लेकिन आरबीआई ने बैंक की ब्याज़ दर यानि बैंक रेट को बिना किसी बदलाव के छह प्रतिशत ही रखा है.
जिस दर पर बैंक आरबीआई से उधार लेते हैं वह बैंक रेट कहलाता है.
कैश-रिज़र्व रेशो (सीआरआर) को भी बिना बदलाव के पाँच प्रतिशत पर ही रखा गया है.
इस वित्त वर्ष में आरबीआई ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के बारे में आशावादी रुख़ अपनाते हुए वर्ष 2007-08 में विकास दर का अनुमान 7.5-8 प्रतिशत से बढ़ाते हुए आठ प्रतिशत कर दिया है.