बुधवार, 25 अक्तूबर, 2006 को 02:32 GMT तक के समाचार
विश्व बैंक ने घोषणा की है कि वह आंध्र प्रदेश की विभिन्न परियोजनाओं की मदद के लिए एक अरब डॉलर यानि लगभग 45 अरब रुपए की सहायता प्रदान करेगा.
यह राशि तीन से चार वर्षों के दौरान दी जाएगी.
विश्व बैंक के प्रबंध निदेशक ग्राह्म व्हीलर ने कहा है कि विश्व बैंक प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं की मदद करेगा जिसमें कृषि योजनाएँ प्रमुख हैं.
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एक अरब डॉलर में से आधी राशि सिंचाई परियोजनाओं और बाकी की राशि शहरी सुधार के लिए इस्तेमाल की जाएगी.
विश्व बैंक के प्रबंध निदेशक का कहना था कि वो प्रदेश की उपलब्धियों से प्रभावित हुए हैं.
उन्होंने रंगा रेड्डी ज़िले के एक गाँव का भी दौरा किया जहाँ उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे महिला संगठनों से बात की.
लेकिन विश्व बैंक के इस अधिकारी की यात्रा का वामपंथी दल विरोध कर रहे हैं.
राज्य के वामपंथी दलों ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार और विश्व बैंक के बीच गुप्त समझौता हुआ है और उन्होंने इसके ख़िलाफ़ आंदोलन चलाने की धमकी दी है.
वामपंथी दलों का आरोप है कि सुधार कार्यक्रम किसानों के हित में नहीं रहे हैं.
ग़ौरतलब है कि इसके पहले विश्व बैंक की ओर से भारत को अगले तीन वर्षों में नौ अरब डॉलर देने की घोषणा की गई थी.
इस राशि को पीने का पानी उपलब्ध कराने के साथ-साथ सड़क और सिंचाई परियोजनाओं पर भी ख़र्च किए जाने पर सहमति हुई थी.