शुक्रवार, 20 अक्तूबर, 2006 को 06:44 GMT तक के समाचार
पूजा तिवारी
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
इंडियन एयरलाइंस यानी इंडियन ने दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अपने बेड़े के नए सदस्य का स्वागत कर धनतेरस कुछ अलग अंदाज में मनाई.
एयरबस से हुए सौदे के तहत कंपनी को गुरुवार को पहला ए-319 विमान मिला.
ग़ौरतलब है कि इस साल फरवरी में इंडियन ने लगभग सौ अरब रुपये में 43 एयरबस विमानों का सौदा किया था.
इस सौदे के तहत अगले वर्ष जून से कंपनी को बाक़ी विमान मिलने शुरू हो जाएंगे.
इनमें से 19 विमान 122 सीटों वाले ए-319, 20 विमान 172 सीटों वाले ए-321 और चार विमान 140 सीटों वाले ए-320 होंगे.
विलय
इस मौके पर नागरिक उड्डयन मंत्री श्री प्रफुल्ल पटेल ने बधाई देते हुए कहा, "सरकार ने दोनों ही राष्ट्रीय विमानन कंपनियों को पूरा सहयोग दिया है. चाहे वो नए विमान की ख़रीद को लेकर हो या नई उड़ाने शुरू करने को लेकर हो, पर अब सफलता का दारोमदार ख़ुद कंपनी के कंधों पर है."
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वित्त वर्ष की समाप्ति से पहले इंडियन और एयर इंडिया का विलय हो जाएगा और इससे एक सशक्त और सक्षम राष्ट्रीय विमान कंपनी उभर कर आएगी.
प्रफुल्ल पटेल ने साथ ही आश्वासन दिया कि इस विलय से किसी भी कर्मचारी की नौकरी पर कोई ख़तरा नहीं होगा.
आँकड़ों के मुताबिक विमान ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद इंडियन ने पिछले तीन वर्षों में लाभ कमाया है.
कंपनी ने 2002-03 में 44.17 करोड़ रुपए और 2004-05 में 65.61 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया था.
कंपनी को चालू वित्त वर्ष में 68 करोड़ रुपए शुद्ध लाभ की उम्मीद है.
इंडियन के अध्यक्ष श्री विश्वपति त्रिवेदी ने कहा कि नई तकनीक और आधुनिक सुविधाओं वाले ये विमान ज़्यादा आरामदेह और कम ईंधन खर्च करने वाले हैं.