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बुधवार, 11 अक्तूबर, 2006 को 18:03 GMT तक के समाचार

नए ग्राहकों से बढ़ा इन्फ़ोसिस का मुनाफ़ा

सूचना तकनीक के क्षेत्र की भारत की प्रमुख कंपनी इन्फ़ोसिस की दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ 53 फ़ीसदी बढ़ा है.

कंपनी ने अपने संभावित सालाना लाभ में भी वृद्धि की घोषणा की है.

कंपनी के 30 सितंबर को समाप्त हुई तिमाही में शुद्ध लाभ बढ़कर 896 करोड़ रुपए हो गया है जबकि पिछले साल इस तिमाही में लाभ 592 करोड़ रुपए था.

कंपनी के मुख्य कार्यकारी नंदन नीलकेनी का कहना है कि कंपनी के 45 नए ग्राहक बने हैं जिनमें ज़्यूरिक फ़ाइनेंशियल सर्विसेज़ प्रमुख है.

इन्फ़ोसिस यूरोप में अपनी गतिविधियाँ बढ़ा रही है और अमरीका पर अपने कारोबार की निर्भरता कम करती जा रही है.

बंगलौर स्थित यह कंपनी भारत की दूसरी सबसे बड़ी कंप्यूटर सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी है.

कंपनी का कहना है कि उसने लगभग 11 हज़ार लोगों नौकरी पर रखा है.

कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी वी बालाकृष्णन का कहना था,'' हमने 10 हज़ार से अधिक लोगों को नौकरी पर रखा है लेकिन भर्ती प्रक्रिया में कोई रियायत नहीं दी गई है.''

उनका कहना था कि आवेदकों में से केवल एक फ़ीसदी लोगों का चयन किया गया है.

इन्फ़ोसिस ने बंगलौर स्थित अपने दफ़्तर का आकार भी बढ़ाया है ताकि नई ज़रूरतों को पूरा किया जा सके.

कंपनी की प्रतिस्पर्धा टाटा कंसलटेंसी और विप्रो से है लेकिन कंपनी पश्चिमी देशों में कारोबार पाने में सफल रही है.

बालाकृष्णन का कहना था कि कंपनी वित्तीय सेवाओं, टेलिकॉम और ऊर्जा क्षेत्र से और कारोबार की उम्मीद कर रही है.

दो दशक पहले इन्फ़ोसिस की शुरूआत सात लोगों ने मिलकर की थी जिनका नेतृत्व एनआर नारायणमूर्ति ने किया था.

केवल साढ़े बारह हज़ार रूपए की पूंजी से शुरू हुई इस कंपनी में आज हज़ारों लोग काम करते हैं और उसके दफ़्तर केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में हैं.