गुरुवार, 28 सितंबर, 2006 को 01:58 GMT तक के समाचार
भारत में अमरीकी वाणिज्य दूत जॉन फेनर्टी ने कहा है कि अगर डाटा सुरक्षा पुख़्ता नहीं की गई तो भारतीय बाज़ार में अमरीकी निवेश प्रभावित हो सकता है.
फेनर्टी ने बौद्धिक संपदा अधिकार पर आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए भारत सरकार से कंपनियों की डाटा सुरक्षा की व्यवस्था मजबूत बनाने की अपील की.
उन्होंने कहा कि जब तक ऐसा नहीं किया जाता अमरीकी कंपनियाँ भारत में निवेश करने से परहेज कर सकती हैं.
फेनर्टी ने कहा कि भारत में बौद्धिक संपदा कानून की स्थिति लचर है और यह विदेशी कंपनियों की गुप्त जानकारियाँ लीक होने से रोकने में असमर्थ है.
उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ भारत जैसे उभरती हुई अर्थव्यवस्था वाले देशों में पैसा लगाने से कतराएँगी.
दवा उद्योग का जिक्र करते हुए अमरीकी वाणिज्य दूत ने कहा, "लगता है भविष्य में भारत के लोगों को सिर्फ़ घरेलू कंपनियों की दवा ही मिलेगी क्योंकि दुनिया भर में प्रसिद्ध विदेशी दवा कंपनियों की बौद्धिक संपदा के संरक्षण की गारंटी भारत में नहीं मिल रही है."
ग़ौरतलब है कि कुछ माह पहले एक ब्रितानी कंपनी के ग्राहकों के बारे में सूचनाँ भारतीय कॉल सेंटर से लीक हुई थी.
उसके बाद इस तरह की कुछ और घटनाएँ सामने आने के बाद से भारत पर बौद्धिक संपदा कानून को पुख़्ता बनाने का दबाव है.