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मंगलवार, 26 सितंबर, 2006 को 08:38 GMT तक के समाचार

खुदरा और आईटी क्षेत्र में रोजगार बढ़ेगा

वाणिज्य और उद्योग संगठन एसोचैम के आकलन के मुताबिक अगले पाँच वर्षों में खुदरा कारोबार और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में लगभग एक करोड़ 30 लाख लोगों को रोज़गार के अवसर मिलेंगे.

एसोचैम ने मंगलवार को जारी अध्ययन रिपोर्ट 'खुदरा, आईटी और आईटी आधारित उद्योगों में रोजगार के अवसर' में कहा है, "खुदरा कारोबार में तेज़ी बरकरार है और इस क्षेत्र में कुशल श्रमिकों की माँग भी बढ़ रही है. वर्ष 2010 तक सिर्फ़ इसी क्षेत्र में रोज़गार के 25 लाख नए अवसर निकलेंगे."

रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया जताते हुए एसोचैम के अध्यक्ष अनिल कुमार अग्रवाल ने कहा, "अभी भारत के खुदरा बाज़ार का आकार 180 अरब डॉलर का है. इसमें लगभग दो करोड़ लोगों को रोजगार मिला हुआ है लेकिन संगठित खुदरा कारोबार में अभी अपार संभावनाएँ हैं."

आईटी

रिपोर्ट के मुताबिक सूचना प्रौद्योगिकी और इसके सहयोग से चल रहे अन्य क्षेत्रों में भी रोज़गार के अवस तेज़ी से निकल रहे हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है, "वर्ष 2000 में आईटी क्षेत्र में लगभग दो लाख 80 हज़ार लोग काम कर रहे थे जो पिछले वर्ष बढ़ कर लगभग 10 लाख हो गया. सिर्फ़ बीपीओ (ठेके पर काम कराने की प्रणाली) में लगभग साढ़े तीन लाख लोग काम कर रहे हैं जो वर्ष 2008 तक 10 लाख हो जाने की उम्मीद है."

एसोचैम का आकलन है कि आईटी और इससे संबंधित सभी उद्योगों को मिला जाए तो वित्त वर्ष 2008-09 के अंत तक नौ करोड़ लोगों के लिए रोज़गार के नए अवसर उत्पन्न होंगे.

रिपोर्ट के मुताबिक पर्यटन, कपड़ा और वित्तीय क्षेत्र भी ऐसे हैं जहाँ रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे.

अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में मौजूदा विकास की गति बरकरार रखने के लिए सकारात्मक नीति बनाने और पूँजीनिवेश बढ़ाने की भी ज़रुरत बताई गई है.

रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ़ आँतरिक स्रोतों से ज़रुरी पूँजीनिवेश होना मुश्किल है, इसलिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई को बढ़ावा देने की आवश्यकता है.