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शुक्रवार, 07 जुलाई, 2006 को 10:09 GMT तक के समाचार

उड़ीसा में स्टील प्लांट लगाएँगे मित्तल

दुनिया की सबसे बड़ी स्टील कंपनी मित्तल स्टील ने उड़ीसा में एक करोड़ 20 लाख टन क्षमता का प्लांट बनाने का प्रस्ताव दिया है.

मित्तल स्टील के चेयरमैन लक्ष्मी निवास मित्तल ने शुक्रवार को उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से मुलाक़ात करने के बाद पत्रकारों के बताया कि उनकी कंपनी दो चरणों में यह प्लांट स्थापित करेगी.

उन्होंने कहा कि यह भारत में मित्तल स्टील का सबसे बड़ा निवेश होगा. हालाँकि उन्होंने स्टील इकाई पर होने वाले निवेश और निर्माण की समयसीमा के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया.

लक्ष्मी मित्तल ने बताया कि उनकी कंपनी जल्दी ही उड़ीसा सरकार के साथ सहमति पत्र पर दस्तख़त करेगी.

स्टील किंग के नाम से मशहूर लक्ष्मी मित्तल ने कहा कि मुख्यमंत्री पटनायक ने जो सुविधाएँ देने की पेशकश की है वो चीन से भी बेहतर है.

मौके पर मौजूद नवीन पटनायक ने कहा कि प्रस्तावित संयंत्र से राज्य में रोज़गार के भारी अवसर पैदा होंगे.

झारखंड से निराश

लक्ष्मी मित्तल ने जहाँ उड़ीसा में नए निवेश की घोषणा की वहीं झारखंड में मित्तल स्टील की प्रस्तावित स्टील प्लांट पर सुस्त प्रगति से निराश दिखे.

कंपनी ने पिछले वर्ष झारखंड सरकार के साथ राज्य में एक करोड़ 20 लाख टन क्षमता वाला स्टील प्लांट लगाने का समझौता किया था.

उन्होंने साफ कहा कि झारखंड में जिस गति से प्लांट लगाने पर काम हो रहा है उससे वह ख़ुश नहीं है.

झारखंड में विपक्षी पार्टियां चुनिंदा लौह अयस्क खदानों को मित्तल स्टील के नियंत्रण में देने का विरोध कर रही हैं.

राह नहीं आसान

जानकारों का कहना है कि उड़ीसा में भी मित्तल स्टील को इस तरह की समस्या से दो चार होना पड़ सकता है.

दक्षिण कोरियाई कंपनी पोस्को भी उड़ीसा में इतनी ही क्षमता यानी एक करोड़ 20 लाख टन सालाना उत्पादन करने के सक्षम स्टील प्लांट बना रही है लेकिन उसे भी लौह अयस्क प्राप्त करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

राज्य के कुछ लौह अयस्क खदानों को पोस्को के हाथों में सौंपने और पारादीप में निजी बंदरगाह बनाने पर पहले ही विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं.

कुछ ही दिन पहले मित्तल स्टील ने दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी यूरोपीय स्टील कंपनी आर्सेलर के अधिग्रहण में सफलता हासिल की है.

इस सौदे के बाद लक्ष्मी मित्तल ने कहा था कि अब कंपनी चीन और भारत के बाज़ार को अधिक प्राथमिकता देगी.