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शुक्रवार, 30 जून, 2006 को 11:00 GMT तक के समाचार

ग़रीब देशों को राहत, कर्ज़ माफ़ होगा

विश्व बैंक ग़रीब देशों को राहत पहुँचाने के लिए अरबों डॉलर का कर्ज़ माफ़ करने की योजना बना रहा है.

एक जुलाई से इस योजना पर अमल शुरू हो जाएगा. पहले सबसे ज़्यादा ग़रीब 19 देशों का 37 अरब डॉलर का कर्ज़ माफ़ किया जाएगा.

दुनिया के आठ धनी देशों के संगठन जी-8 समूह की पिछले वर्ष स्कॉटलैंड में हुई बैठक में इस पर सहमति बनी थी.

गौरतलब है कि विश्व बैंक को सर्वाधिक अनुदान इन्हीं देशों से मिलता है.

ख़ास कर अफ्रीका में सहारा मरूस्थल के आसपास स्थित देशों की माली हालत बेहद ख़स्ता है और विश्व बैंक की इस पहल से ऐसे देशों को सबसे अधिक राहत मिलेगी.

दिशा-निर्देश

हालाँकि कर्ज़ में डूबे देशों को राहत योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए बैंक के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा.

विश्व बैंक की सहयोगी संस्था इंटरनेशनल डेवलपमेंट एसोसिएशन पहले ही 17 अरब डॉलर का कर्ज़ माफ़ कर चुका है.

विश्व बैंक के अध्यक्ष पॉल वूल्फ़ोविट्ज़ का मानना है कि बैंक को अनुदान देने वाले देश अगर ऋण राहत देने पर सहमति देना जारी रखते हैं तो इस योजना का विस्तार किया जा सकता है.

उन्होंने ने कहा "अतिरिक्त ऋण माफ़ी से ग़रीब देश अपने आंतरिक संसाधनों का इस्तेमाल ग़रीबी हटाने में मददगार नीतियों को आगे बढ़ाने में कर पाएँगे."

उन्होंने कहा कि कर्ज़ भुगतान के बज़ाए उपलब्ध राशि का इस्तेमाल शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल आपूर्ति को दुरूस्त करने में किया जा सकता है जिससे करोड़ों लोगों को फ़ायदा होगा.

जिन 19 देशों को विश्व बैंक के इस फ़ैसले से राहत मिलेगी वे हैं- बेनिन, बोलीविया, बुर्किना फासो, कैमरून, इथियोपिया, घाना, गुयाना, होंडुरास, मेडागास्कर, माली, मॉरिटानिया, मोज़ाम्बिक, निकारागुआ, नीज़ेर, रवांडा, सेनेगल, तंज़ानिया, युगांडा और ज़ाम्बिया.