सोमवार, 26 जून, 2006 को 14:10 GMT तक के समाचार
फ़्रांस की स्टील कंपनी आर्सेलर और भारतीय उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल की मित्तल स्टील कंपनी के प्रस्तावित विलय के फ़ैसले के ख़िलाफ़ रूसी कंपनी स्वरस्टाल का़नूनी कार्यवाही कर सकती है.
रूसी कंपनी ने कहा है कि आर्सेलर और मित्तल स्टील के बीच समझौते के बाद अब वो अपने विकल्पों पर ग़ौर कर रही है.
कंपनी ने संकेत दिए कि वो समझौते के उल्लंघन के लिए आर्सेलर के ख़िलाफ़ क़ानूनी क़दम उठा सकती है.
मई में आर्सेलर और स्वरस्टाल के बीच विलय पर सहमति हुई थी.
इसका मकसद आर्सेलर को खरीदने की मित्तल स्टील कंपनी की कोशिश को विफल करना था. लेकिन 25 जून को आर्सेलर ने मित्तल कंपनी की 34 अरब डॉलर की पेशकश स्वीकार कर ली.
अब इस फ़ैसले को आर्सेलर के शेयरधारकों के सामने रखा जाएगा. अगर शेयरधारक इसे मंज़ूरी दे देते हैं तो दुनिया की दो सबसे बड़ी स्टील कंपनियों के विलय का रास्ता साफ़ हो जाएगा.
क़ानूनी दाव पेंच
बीबीसी के व्यापार मामलों के संपादक रॉबर्ट पेस्टन का कहना है कि यूरोपीय सरकारें, ख़ासकर फ़्रांस और लक्ज़मबर्ग की सरकारें इस समझौते को लेकर नाखुश हैं लेकिन आर्सेलर के शेयरधारक ऐसा ही चाहते हैं.
समझौते के बाद स्वरस्टाल ने कहा है कि वो इस बात को लेकर काफ़ी हैरान है कि उसे अपनी बोली को बढ़ाने के लिए या मित्तल की नई बोली का जबाव देने के लिए बातचीत का न्यौता नहीं दिया गया.
स्वरस्टाल ने एक बयान में कहा है, "आर्सेलर का हमारे साथ विलय का वैध समझौता हुआ था जो बाध्य है, आर्सेलर अब तक इस समझौते का समर्थन करती रही है, अब हम अपने विकल्पों के बारे में सोच रहे हैं."
आर्सेलर ने संकेत दिए हैं कि समझौता तोड़े जाने के चलते स्वरस्टाल को 17 करोड़ पचास लाख डॉलर दिए जा सकते हैं. पर साथ ही कंपनी ने कहा है कि साइवरस्टाल के साथ साझा उपक्रम जारी रहेंगे.
आर्सेलर ने इस साल कनाडा की एक कंपनी डोफ़ासको को भी खरीदा था. इस कंपनी के भविष्य पर भी अब सवाल खड़े हो गए हैं.
आर्सेलर इस कंपनी को अपने पास रखना चाहती है जबकि मित्तल स्टील इसे जर्मनी की एक कंपनी को बेचना चाहता है.