शनिवार, 24 जून, 2006 को 16:06 GMT तक के समाचार
श्रीलंका में तमिल विद्रोही देश से यूरोपीय संघ के पर्यवेक्षकों के जाने की समयसीमा बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं.
तमिल विद्रोही अब यूरोपीय संघ के पर्यवेक्षकों को श्रीलंका में सितंबर तक रहने देने पर राज़ी हुए हैं.
तमिल विद्रोहियों ने पहले कहा था कि यूरोपीय संघ के पर्यवेक्षक श्रीलंका छोड़ कर चले जाएँ.
विद्राहियों ने ये माँग तब कि जब यूरोपीय संघ ने जून में एलटीटीई यानि लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल इलम को 'आतंकवादी संगठनों' की सूची में डाल दिया था.
इसके बाद तमिल विद्रोहियों ने कहा था कि यूरोपीय संघ के पर्यवेक्षक श्रीलंका से चले जाएँ क्योंकि अब वे संघर्षविराम की निगरानी करने में निष्पक्ष नहीं रह सकते.
यूरोपीय संघ के पर्यवेक्षक श्रीलंका में सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच संघर्षविराम पर नज़र रखे हुए हैं.
यूरोपीय संघ के पर्यवेक्षक
श्रीलंका निगरानी मिशन में करीब दो तिहाई सदस्य यूरोपीय संघ के हैं. मिशन के दो अन्य सदस्य आईसलैंड और नॉर्वे ने कहा है कि वे अपने दम पर मिशन का कामकाज नहीं देख सकते.
इन दोनों देशों के पर्यवेक्षक अब कई अन्य देशों से बातचीत कर रहे हैं और दोनों ने कहा है कि बदलाव की इस प्रक्रिया में समय लगेगा.
आईसलैंड और नॉर्वे ने छह महीने का वक़्त माँगा है.
इस बीच श्रीलंका के उत्तरी भाग में एक संदिग्ध विद्रोही हमले में दो सैनिक मारे गए हैं.
हाल के महीनों में श्रीलंका में हिंसा में काफ़ी वृद्धि हुई है और संघर्षविराम पर लगातार ख़तरा मंडराता रहा है.
इस साल की शुरूआत के बाद से हिंसा में करीब 700 लोग मारे जा चुके हैं जिसमें ज़्यादातर आम नागरिक शामिल हैं.