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सोमवार, 19 जून, 2006 को 08:32 GMT तक के समाचार

नोकिया और सीमेंस में बड़ा समझौता

फ़िनलैंड की मोबाइल कंपनी नोकिया और जर्मन कंपनी सीमेंस ने उपकरण बनाने और नेटवर्क ऑपरेशंस इकाई के विलय का फ़ैसला किया है.

इस विलय के बाद बनने वाली नई कंपनी नोकिया सीमेंस नेटवर्क्स दुनिया की तीसरी बड़ी दूरसंचार उपकरण आपूर्ति करने वाली कंपनी बन जाएगी. नई कंपनी में नोकिया और सीमेंस की हिस्सेदारी 50-50 फ़ीसदी की होगी.

नोकिया सीमेंस नेटवर्क्स नाम की इस नई कंपनी का मुख्यालय फ़िनलैंड में होगा. इस कंपनी के कर्ता-धर्ता होंगे साइमन बिरेसफ़र्ड वाइली, जो इस समय नोकिया नेटवर्क्स के प्रमुख हैं.

आकलन है कि यह कंपनी एक वर्ष में क़रीब 20 अरब डॉलर का राजस्व जुटाएगी. नोकिया और सीमेंस को भरोसा है कि इस विलय से शोध कार्यों और विकास के मद में होने वाले ख़र्च में सालाना डेढ़ अरब डॉलर की बचत होगी.

मज़बूती

जानकारों का कहना है कि दोनों कंपनियों में हुआ विलय एशियाई कंपनियों से मिल रही चुनौतियों के मद्देनज़र दूरसंचार के क्षेत्र में आई मज़बूती का सूचक है.

इसी साल फ़्रेंच कंपनी एल्काटेल और अमरीकी कंपनी लूसेंट टेक्नॉलॉजी में भी कुछ इसी तरह का समझौता हुआ था.

विलय की घोषणा करते हुए नोकिया और सीमेंस ने अपने बयान में कहा है कि नई कंपनी के पास फ़िक्स्ड लाइन और मोबाइल को एक करने की विश्व स्तरीय क्षमता होगी. इसके साथ-साथ विकसित और विकासशील दोनों बाज़ारों में कंपनी की पैठ होगी.

वॉल स्ट्रीट जरनल ने इस सौदे की क़ीमत 25 अरब यूरो आंकी है. यह सौदा अगले साल एक जनवरी तक पूरा होगा.

जानकारों का कहना है कि इस समझौते से लंबे दौरे में फ़ायदा होगा. लेकिन कंपनी के कर्मचारियों को लेकर चिंता भी व्यक्त की जा रही है.

चॉर्टर इक्विटी रिसर्च के एड स्नाइडर ने कहा है कि इस समझौते से दोनों कंपनियों के 60 हज़ार कर्मचारियों के सामने उलझन खड़ी हो सकती है.