सोमवार, 12 जून, 2006 को 12:28 GMT तक के समाचार
दुनिया की सबसे बड़ी इस्पात कंपनियों में से एक मित्तल स्टील ने कहा है कि वो आर्सेलर स्टील कंपनी को खरदीने के लिए 22 अरब यूरो( 15 अरब पाउंड) की अपनी पेशकश को नहीं बढ़ाएगी.
इससे पहले फ्रांस की आर्सेलर कंपनी ने मित्तल कंपनी की ओर से आए प्रस्ताव को सोमवार को ठुकरा दिया था.
मित्तल स्टील ने 22 अरब यूरो से कीमत और न बढ़ाने का बयान इसी के बाद जारी किया है.
मित्तल कंपनी के मालिक लक्ष्मी मित्तल भारतीय मूल के हैं और ब्रिटेन में रहते हैं.
लक्ज़मबर्ग में आधारित आर्सेलर कंपनी ने कहा है कि मित्तल की पेशकश 'अपर्याप्त' है और इसमें कंपनी का सही मूल्यांकन नहीं किया गया है.
आर्सेलर
इस तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं कि मित्तल स्टील दूसरी बार बोली की कीमत बढ़ाएगी.
लेकिन मित्तल कंपनी की ओर से कहा गया है कि बोली की कीमत बढ़ाने के लिए उसने कोई प्रस्ताव नहीं दिया है और ऐसा करने का कंपनी का कोई इरादा नहीं है.
साथ ही कहा गया है कि बोली बढ़ाने की बात सिर्फ़ बेहतर कॉरपोरेट गवर्नेंस के बारे में कही गई थी कीमत के संदर्भ में नहीं.
इससे पहले सोमवार को दिन में आर्सेलर की ओर से कहा गया था कि 'मित्तल स्टील की बोली को और बढ़ाने के सिलसिले' में वे मुलाकात करेंगे.
आर्सेलर के बोर्ड ने कहा है कि रूसी कंपनी सीएवरस्टाल को 13 अरब यूरो में खरीदने की उसकी योजना सामाजिक, आर्थिक और रणनीतिक नज़रीए से बेहतर विकल्प है.
अगर आर्सेलर सीएवरस्टाल कंपनी को खरीदती है तो इससे दुनिया की सबसे बड़ी इस्पात कंपनी का गठन होगा.
मित्तल कंपनी
नई कंपनी में आर्सेलर का 68 फ़ीसदी हिस्सा होगा जबकि सीएवरस्टाल के मालिक एलेक्से मोर्दाशोव के पास 32 फ़ीसदी हिस्सा रहेगा.
माना जा रहा है कि आर्सेलर सीएवरस्टाल कंपनी को इसलिए खरीद रही है ताकि मित्तल कंपनी अर्सेलर को न खरीद पाए.
हालांकि आर्सेलर के कुछ शेयरधारकों का कहना है कि वे सीएवरस्टाल के बजाय मित्तल कंपनी को पसंद करेंगे.
मित्तल स्टील कंपनी ने पहली बार आर्सेलर के लिए इस साल जनवरी में बोली लगाई थी.
मित्तल स्टील कंपनी का मुख्यालय नीदरलैंड्स में है.