बुधवार, 07 जून, 2006 को 10:14 GMT तक के समाचार
विदेशी और घरेलू निवेशकों की बिकवाली से भारतीय शेयर बाज़ारों में बुधवार को एक और बड़ी गिरावट दर्ज हुई. सेंसेक्स 200 अंक गिर कर 9756 पर बंद हुआ.
पूरे दिन कारोबार में भारी उतार चढ़ाव रहा और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स एक समय 442.6 अंक गिरकर 9609.21 अंकों पर आ गया था.
निवेशकों की ओर से अंतिम कारोबारी सत्र में गिरे हुए दामों पर कुछ ख़रीदारी निकलने के बावज़ूद सेंसेक्स की 30 में से 28 कंपनियों के शेयर मंगलवार की तुलना में लुढ़क गए.
उधर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी भी 76 अंक गिर कर 2860.45 अंकों पर आ गया.
बिकवाली के दबाव में एक पखवाड़े में ही पिछले पाँच महीनों की तेज़ी गायब हो चुकी है.पिछले 10 मई को सेंसेक्स ने 12612 अंकों की ऐतिहासिक ऊंचाई को छुआ था.
एफ़आईआई
शुक्रवार और सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयर बाज़ारों में शुद्ध ख़रीदारी की लेकिन मंगलवार से उन्होंने मुनाफ़ावसूली तेज़ कर दी.
इस वर्ष मई के अंत तक लगभग चार अरब डॉलर का निवेश करने के बाद एफ़आईआई पिछले 20 दिनों के भीतर घरेलू बाज़ारों से दो अरब डॉलर से अधिक राशि निकाल चुके हैं.
इस दबाव में घरेलू साझा कोषों और ख़ुदरा निवेशकों ने भी बिकवाली शुरु कर दी है.
गिरावट के देखते हुए शेयर बाज़ार से जुड़े हुए म्युचुअल फंड योजनाओं में निवेश करने वालों ने योजना को भुनाना शुरु कर दिया है जिससे कंपनियों पर दबाव बढ रहा है और वे नकदी जुटाने के लिए पोर्टफोलियो ढ़ीला कर रहे हैं.
भारत के अलावा अन्य विकासशील देशों के शेयर बाज़ारों में भी गिरावट दर्ज की गई.
जापान का निक्की और कोरिया का कोस्पी पिछले तीन माह के न्यूनतम स्तर पर पहुँच गया.