शुरुआती गिरावट के बाद अंतिम कारोबारी सत्र में सूचना प्रौद्योगिकी, धातु और उपभोक्ता सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में हुई ताज़ा ख़रीदारी से भारतीय शेयर बाज़ार गुरुवार को बढ़त के साथ बंद हुए.
बोम्बे स्टॉक एक्सचेंज का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स बुधवार की तुलना में 93.17 अंकों की बढ़त से 10666.32 अंकों पर बंद हुआ.
उधर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का मुख्य सूचकांक निफ्टी भी 61.17 अंकों की उछाल के साथ 3177.70 अंकों पर टिका.
इससे पूर्व प्रमुख़ एशियाई बाज़ारों की मंदी के साथ-साथ मुनाफ़ावसूली ज़ारी रहने के कारण भारतीय शेयर बाज़ार में दोपहर से पहले मंदी का आलम था लेकिन वायदा कारोबार के निपटारे के बाद निवेशकों ने ताज़ा निवेश शुरु किया.
बढ़त विप्रो, टीसीएस, वीएसएनएल और टाटा स्टील जैसी चुनिंदा कंपनियों के शेयरों मे ही दिखी.
छोटी और मझोली कंपनियों के सूचकांक बीएसई स्मॉलकैप तथा मिडकैप में गिरावट ज़ारी रही.
सेंसेक्स की तीस कंपनियों में 18 फायदे में रही और 12 में नुकसान दर्ज़ किया गया.
उतार - चढ़ाव
बुधवार की तुलना में बढ़त के बावज़ूद कारोबार के दौरान भारी उतार चढाव का सिलसिला कायम रहा.
गुरुवार को भी सेंसेक्स 10520 पर खुलने के बाद एक समय नीचे में 10274 अंकों तक गिर गया था लेकिन अंतिम समय में खुदरा निवेशकों और साझा कोषों की ख़रीदारी से यह 10720 तक उपर जाने के बाद अंत में 10666.32 अंकों पर बंद हुआ.
इस तरह पूरे दिन में 200 अंकों की घट-बढ़ हुई और जानकारों के मुताबिक इस आधार पर आगे बाज़ार की दिशा तय कर पाना मुश्किल है.
पिछले हफ्ते से शुरु हुई गिरावट और सोमवार को एक ही दिन में 1100 अंकों के नुकसान से निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल है.
फ़िलहाल सेबी ने जो आंकड़े दिए हैं उसके मुताबिक विदेशी निवेशकों ने बुधवार को भी लगभग 1500 करोड़ रुपए की बिकवाली की. हालांकि घरेलू साझा कोषों की ओर से ख़रीदारी भी हो रही है.