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सोमवार, 22 मई, 2006 को 05:12 GMT तक के समाचार

शेयर बाज़ार एक हज़ार अंक गिरा, कारोबार रुका

भारतीय शेयर बाज़ारों में बोम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पहली बार एक ही दिन में हजार अंकों से अधिक गिर गया.

शेयर बाज़ार की नियामक संस्था सेबी ने शेयर कारोबार पर एक घंटे के लिए रोक लगा दी क्योंकि ऐसी व्यवस्था है कि 10 फ़ीसदी से अधिक गिरावट के बाद कारोबार को रोक दिया जाता है.

इसके पहले 17 मई, 2004 को भारी गिरावट के कारण कारोबार रोकना पड़ा था.

पिछली गिरावट को महज तकनीकी सुधार माना जा रहा था लेकिन सोमवार को बाज़ार में जो भूचाल आया है उससे निवेशकों में अफ़रातफ़री का माहौल है. सभी काउंटरों पर जबर्दस्त बिकवाली हो रही है.

दोपहर के सत्र में शेयर ख़रीद फरोख़्त पर रोक लगाये जाने से ठीक पहले सेंसेक्स पिछले तीन महीने में पहली बार दस हजार के नीचे आ गया और निफ़्टी में 310 अंकों की गिरावट आई.

बोम्बे स्टाक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सोमवार को 9826 अंक पर आ गया है.

उधर नेशनल स्टाक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला निफ़्टी भी 300 अंकों से ज़्यादा गिरकर 2936 के स्तर पर आ गया है.

हालांकि अमरीकी शेयर बाज़ार नास्डेक के अलावा एशियाई देशों के सूचकांकों में भी मामूली बढ़त दिखी थी लेकिन भारतीय बाज़ारों पर इसका कोई असर नहीं हुआ.

गिरावट

इसके पहले गुरुवार को 826 अंकों की रिकार्डतोड़ गिरावट के बाद वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सफ़ाई दी थी कि विदेशी संस्थागत निवेशकों पर किसी तरह का पूंजीगत लाभ कर थोपने की कोई योजना नहीं है.

साथ ही उन्होंने छोटे निवेशकों से सोच समझ कर शेयर बाज़ार में पैसा लगाने की सलाह दी थी.

विश्लेषकों की राय में तकनीकी सुधारों का मौज़ूदा दौर कुछ और आगे तक जा सकता है और एक ही दिन में निवेश कर मुनाफ़ावसूली करने वाले डे-ट्रेडरों की सक्रियता से कारोबार में भारी उतार चढाव ज़ारी रह सकता है.

शेयर बाज़ारों की नियामक संस्था सेबी की रिपोर्ट के अनुसार 19 मई को एफआईआई ने 1459 करोड़ रूपए की बिकवाली की थी.

दूसरी ओर घरेलू साझा कोषों की ओर से 18 मई को 762 करोड़ रुपए की ख़रीदारी हुई थी.

बिकवाली के कारण पिछले सात कारोबारी दिनों में सेंसेक्स 1346 अंक गिर चुका है. शुक्रवार को सेंसेक्स की गिरावट 10938 पर थमी थी और निफ्टी 3246 अंकों पर टिका था.