सोमवार, 22 मई, 2006 को 08:39 GMT तक के समाचार
भारत के शेयर बाज़ारों में सोमवार को आई ऐतिहासिक गिरावट के बाद वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने निवेशकों के आश्वस्त करते हुए कहा है कि इससे घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है.
उनका कहना था कि निवेशकों को शेयर बाज़ार पर भरोसा रखना चाहिए.
उन्होंने कहा कि पूंजी बाज़ार में नकदी की कमी नहीं है और इस तरह की किसी भी समस्या से निपटने के पुख़्ता इंतज़ाम हैं.
चिदंबरम ने बोम्बे स्टॉक एक्सचेंज के संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में 1100 अंको की गिरावट के कारण कारोबार रोक दिये जाने के बाद पत्रकारों से कहा कि उन्होंने नकदी की उपलब्धता पर रिजर्व बैंक से बात की है और अभी इस तरह की कोई समस्या नहीं है.
वित्त मंत्री ने कहा कि शेयर बाज़ार में पिछले हफ़्ते आई गिरावट के बाद ही उधार पर लिए गए पैसे से शेयरों की खरीद-फ़रोख़्त (मार्जिन मनी) पर भुगतान में थोड़ा दबाव आया था.
लेकिन रिजर्व बैंक समेत अन्य बैंकों के पास सभी ज़रुरतमंद ब्रोकरों को पैसे देने के लिए पर्याप्त कोष है.
उन्होंने एक बार फ़िर खुदरा निवेशकों से सोच समझ कर शेयर बाज़ार में निवेश करने की सलाह दी.
गिरावट
चिदंबरम ने शेयर बाज़ार की गिरावट पर कहा कि ऐसा बिकवाली के माहौल के कारण हुआ है.
उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मज़बूत है और इसलिए चिंतित होने की ज़रूरत नहीं है.
चिदंबरम ने कहा, " मैनुफैक्चरिंग में नौ प्रतिशत की दर से वृद्धि हो रही है, मंहगाई दर चार फ़ीसदी से नीचे है और गिरावट के बावज़ूद पिछले हफ़्ते लगभग 500 कंपनियों के शेयरों मे तेज़ी दर्ज की गई.''
वित्त मंत्री के इस बयान के बाद सेंसेक्स की गिरावट में 500 अंकों की कमी आई है और यह 10000 से उपर निकल गया है.
इससे पूर्व चिदंबरम ने साफ़ किया था कि विदेशी संस्थपक निवेशकों पर पूंजीगत लाभ कर थोपने की कोई योजना नहीं है.
विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से 19 मई को 1459 करोड़ रुपए की बिकवाली हुई थी.
शुक्रवार को सेंसेक्स की गिरावट 10938 पर थमी थी और निफ्टी 3246 अंकों पर बंद हुआ था