गुरुवार, 18 मई, 2006 को 14:10 GMT तक के समाचार
दुनिया का सबसे बड़ा यात्री विमान एयर बस ए-380 पहली बार गुरूवार को लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे पर उतरा.
इस एयरबस ने अप्रैल, 2005 में फ्रांस में अपनी पहली उड़ान भरी थी जिसके बाद पहली बार इसने लंदन का दौरा किया.
लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे पर यह एयरबस ये देखने के लिए उतरी कि वहाँ की हवाई पट्टी उसके लिए पूरी तरह मज़बूत है या नहीं.
ब्रिटिश एयरपोर्ट अथॉरिटी इस इस विमान की सेवाएँ शुरू करने के लिए क़रीब 45 करोड़ पाउंड की राशि ख़र्च कर रही है.
बताया जा रहा है कि यह एयरबस दिसंबर 2006 तक व्यासायिक उड़ानें शुरू कर देगी.
इसके लिए लंदन की हीथ्रो हवाई अड्डे पर हवाई पट्टियों को मज़बूत किया गया है, प्रकाश व्यवस्था सुधारी गई है और कुछ ऐसी सड़कें बनाई गई हैं जो इस एयरबस का वज़न संभाल सकें.
हीथ्रो हवाई अड्डे पर इस एयरबस के आगमन का स्वागत करने वालों में ब्रिटेन के वित्त मंत्री गोर्डन ब्राउन भी शामिल थे.
उनके अलावा 16 ऐसी विमान सेवाओं के चेयरमैन भी यह नज़ारा देखने के लिए मौजूद थे जो 240 फुट लंबे इस यात्री विमान की ख़रीदने का फ़ैसला कर चुके हैं.
इस एयरबस को यूरोपीय एयरबस कंसोर्टियम ने तैयार किया है जिस पर लगभग छह अरब पाउंड की लागत आई है जो रुपए में आँकें तो यह राशि लगभग 480 अरब बैठती है.
इस एयरबस को विमानन के इतिहास में एक मील का पत्थर माना जा रहा है. यह दो मंज़िला एयर बस है जिसमें 840 तक यात्री बैठ सकते हैं.
अभी तक का सबसे बड़ा यात्री विमान बोइंग 747 है जिसमें 524 यात्रियों के बैठने की क्षमता है.
लेकिन अमरीकी कंपनी बोइंग अब उन छोटे हवाई अड्डों के लिए मध्यम आकार के ऐसे यात्री विमान भी तैयार कर रही है जो एयर बस 380 जैसे विशाल यात्री विमानों का बोझ नहीं संभाल सकते हैं.