गुरुवार, 20 अप्रैल, 2006 को 12:35 GMT तक के समाचार
मुंबई शेयर बाज़ार के सूचकांक ने गुरुवार को एक बार फिर नया रिकॉर्ड बनाया.
इस बार शेयर बाज़ार ने सिर्फ़ 16 कार्यदिवसों में ही 11 हज़ार से 12 हज़ार तक की ऊँचाई प्राप्त कर ली.
सूचकांक पहली बार इस ऊँचाई तक पहुँचा है.
इससे पहले सूचकांक सात फ़रवरी को 10 हज़ार तक पहुँचा था और इसे 11 हज़ार तक पहुँचने के लिए 27 मार्च तक का समय लगा था.
यानी 10000 से 11000 का आंकड़े तक पहुँचने के लिए शेयर बाज़ार को 29 कार्यदिवसों की ज़रुरत पड़ी थी.
रिलायंस, टाटा स्टील, हिंडालको, सत्यम कंप्यूटर्स और टाटा मोटर्स जैसे बड़ी कंपनियों के शेयरों की लिवाली की वजह से गुरुवार को तेज़ी दिखाई दी.
गुरुवार को सूचकांक ने 12053.74 अंकों की नई ऊँचाई छूने के बाद 12039.55 अंकों पर बंद हुआ. बुधवार के मुक़ाबले इसने 144 अंक हासिल किए.
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने भी गुरुवार को 37.65 अंकों की बढ़त हासिल करते हुए 3573.50 अंकों पर बंद हुआ.
कुछ आर्थिक विश्लेषकों ने पहले कहा था कि साल 2006 के अंत तक मुंबई शेयर बाज़ार का सूचकांक 12 हज़ार का आँकड़ा पार कर जाएगा लेकिन ऐसा चौथे महीने में ही हो गया है.
विश्लेषकों का कहना है कि विदेशी निवेशक बड़े पैमाने पर भारतीय मुद्रा बाज़ार में धन का निवेश कर रहे हैं और भारत की तेज़ी से आगे बढ़ रही अर्थव्यवस्था में का कुछ फ़ायदा उठाने की होड़ में लगे हैं.
विदेशी निवेशकों ने साल 2005 में क़रीब दस अरब, 70 करोड़ डॉलर के भारतीय शेयर ख़रीदने पर ख़र्च किए जोकि एक रिकॉर्ड है. इस रुख़ को देखकर भारतीय लोग भी ज़्यादा धन शेयरों में लगा रहे हैं.
भारतीय अर्थव्यवस्था इस समय आठ प्रतिशत वार्षिक की दर से बढ़ रही है और महंगाई काबू में हैं. इसके चलते अर्थव्यवस्था की रफ़्तार धीमी होने के कोई संकेत नज़र नहीं आ रहे हैं.
हालांकि शेयर बाज़ार विशेषज्ञों का कहना है कि नए निवेशकों को अभी सावधानी के साथ निवेश करना चाहिए.