http://www.bbcchindi.com

मंगलवार, 18 अप्रैल, 2006 को 15:58 GMT तक के समाचार

'विकास दर दस प्रतिशत हो सकती है'

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि देश में लगातार अच्छे आर्थिक हालात को देखते हुए 10 प्रतिशत आर्थिक विकास दर की उम्मीद की जा सकती है.

प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं महसूस करता हूँ कि आठ प्रतिशत के हिसाब से हो रहे मौजूदा विकास दर को न सिर्फ़ कायम रखा जा सकता है बल्कि अब हम 10 प्रतिशत आर्थिक विकास दर का लक्ष्य तय कर सकते हैं."

प्रधानमंत्री मंगलवार को दिल्ली में सीआईआई यानि भारतीय उद्योग परिसंघ की सभा को संबोधित कर रहे थे.

प्रधानमंत्री ने कहा कि निर्माण क्षेत्र में काम के अवसर पैदा कर कृषि क्षेत्र में लगे लोगों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं. उन्होंने कहा, "सरकार की यह कोशिश होगी कि निर्माण क्षेत्र का विकास दर 12 प्रतिशत किया जा सके."

रिज़र्व बैंक का आकलन

इस बीच अनेक आर्थिक विशेषज्ञों ने भी उम्मीद जताई है कि भारत की विकास दर 10 प्रतिशत तक पहुंच सकती है. दूसरी तरफ़ भारतीय रिज़र्व बैंक ने ऊर्जा की लगातार बढ़ती क़ीमतों को अर्थव्यवस्था के स्थायित्व के लिए चिंताजनक बताया है.

इसके अलावा उनका मानना है कि विश्व की मौजूदा आर्थिक व राजनीतिक हालात का असर भी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा.

बैंक ने अपने ताज़ा आर्थिक आकलन में कहा है कि 2006-7 में विकास दर 7.5 से 8 प्रतिशत तक रहने की उम्मीद है. रिज़र्व बैंक के गवर्नर वेणु गोपाल रेड्डी का कहना है कि तेल की लगातार बढ़ती क़ीमतों का स्वाभाविक असर आम लोगों पर पड़ेगा.

भारत अपनी ऊर्जा ज़रूरतों का 70 प्रतिशत आयात करता है. उधर वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने आगाह किया है कि जनवरी में मुद्रास्फीति की दर में चार प्रतिशत तक की गिरावट के बाद इसमें फिर से मामूली इज़ाफ़ा हो सकता है.