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बुधवार, 29 मार्च, 2006 को 07:02 GMT तक के समाचार

डॉ आलोक पुराणिक
आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ

म्यूचुअल फ़ंड हैं कम जोखिम वाले विकल्प

प्रवासी भारतीय भारत के मुंबई शेयर बाजार के सूचकांक सेंसेक्स के उछाल की खबरें पढ़ते रहते होंगे. पर समझदार निवेशक यह भी जानते हैं कि सेंसेक्स का मिज़ाज बहुत अनिश्चित है.

सेंसेक्स जिन शेयरों पर आधारित है, वो कब गिरने लग जाए, यह कहना मुश्किल है. पर भारतीय शेयर बाज़ारों से प्रवासी भारतीय निवेशकों के दूर रहने का मतलब यह भी होगा कि वह इस देश में चल रहे निवेश बूम से ख़ुद को वंचित कर रहे हैं.

यह तो साफ़ ही है कि भारत की अर्थव्यवस्था को ऐसी अर्थव्यवस्था के रुप में चिन्हित किया जा रहा है, जो आने वाले सालों में ख़ासी तेज़ी से विकसित होगी.

इसका फ़ायदा इसके निवेशकों को होगा ही. भारतीय शेयर बाज़ार में सीधे निवेश करना ख़ासा जोखिम वाला काम हो सकता है, पर तमाम म्यूचुअल फ़ंडों की योजनाओं के जरिये निवेश करना कम जोखिम वाला विकल्प है.

भारतीय म्यूचुअल फ़ंड दो लाख करोड़ रुपए से ज़्यादा की रकम का प्रबंधन कर रहे हैं. प्रवासी निवेशकों के लिए ऐसी योजनाएँ उपयुक्त हो सकती हैं, जो आकार में बहुत छोटी न हों.

कैसे करें निवेश

प्रवासी भारतीय लोग भारतीय बैंकों में अपने खातों के ज़रिए निवेश कर सकते हैं. कुछ ख़ास बैंक इस संबंध में प्रवासी भारतीयों को विशिष्ट सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं.

उदाहरण के लिए आईसीआईसीआई बैंक प्रवासी भारतीय निवेशकों को चेक भुगतान समेत तमाम अन्य माध्यमों से म्यूचुअल फ़ंडों में निवेश की सुविधा देता है.

देश के महत्वपूर्ण म्यूचुअल फ़ंडों जैसे एलायंस, फ्रेंकलिन टेंपलटन, जेएमफाइनेंशियल, रिलायंस, बिरला, चोलामंडलम् म्यूचुअल फ़ंड, एचडीएफसी, कोटक महिंद्रा, स्टैंडर्ड चार्टर्ड, डीएसपी मेरिल लिंच, एचएसबीसी, प्रिंसिपल, सुंदरम्, टाटा और प्रूडेंशियल के साथ आईसीआईसीआई बैंक का समझौता भी है.

म्यूचुअल फ़ंडों में निवेश करने से पहले निवेशक को संबंधित म्यूचुअल फ़ंड के निर्देश देख लेने चाहिए.

म्यूचुअल फ़ंड में निवेश करने के एक तरीक़ा पावर ऑफ़ अटार्नी का हो सकता है, यानी प्रवासी भारतीय भारत में अपने किसी मित्र या रिश्तेदार को अपनी तरफ से निवेश करने के अधिकार दे दे.

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रवासी भारतीय निवेशकों को भारत में अपना निवेश सलाहकार बहुत सोच-समझकर चुनना चाहिए.

बाहर होने के नाते, उन पर इतना समय नहीं होता कि वे तमाम लाभप्रद योजनाओं की पड़ताल कर सकें. यह काम उनका सलाहकार कर सकता है.

एसोसियेशन आफ म्यूचुअल फंड्स ऑफ़ इंडिया (एएमएफआई) की परीक्षा पास किए हुए सलाहकार म्यूचुअल फंड के बारे में बेहतर सुझाव दे सकते हैं.

(हम प्रवासी भारतीयों को निवेश के विकल्प सुझाने के लिए एक कॉलम शुरू कर रहे हैं. यह कॉलम आपको कैसा लगा, इस बारे में hindi.letters@bbc.co.uk पर अपनी राय भेजें.)