सोमवार, 20 मार्च, 2006 को 19:46 GMT तक के समाचार
भारतीय उद्योगपति और मित्तल स्टील के प्रमुख लक्ष्मी मित्तल ने कहा है कि उन्हें यक़ीन है कि वो आर्सेलर कंपनी को ख़रीदने में कामयाब हो जाएँगे.
लक्ज़मबर्ग की स्टील निर्माता कंपनी आर्सेलर ने मित्तल स्टील की ओर से ख़रीद के लिए लगाई गई लगभग 18 अरब डॉलर की बोली ठुकरा दी थी.
एरसेलोर की ओर से कहा गया था कि दोनों कंपनियों के विचार, बिज़नेस मॉडल और मूल्य मेल नहीं खाते.
फ़्रांस और लक्ज़मबर्ग में मित्तल के आर्सेलर ख़रीदने को लेकर काफ़ी विरोध हो रहा है.
लक्ष्मी मित्तल ने बीबीसी से एक बातचीत में कहा है कि ख़रीद में वो इस बात का ख़्याल रखेंगे कि लोगों की नौकरी न जाए.
उन्होंने कहा, “हमने वचन दिया है कि नौकरियाँ नहीं जाएंगी और हम लगातार निवेश भी जारी रखेंगे. साथ ही हम इन अर्थव्यवस्थाओं में विकास भी करते जाएंगे.”
अगर मित्तल स्टील आर्सेलर का अधिग्रहण कर लेती तो इसके बाद ये एक विशाल कंपनी का रूप ले लेती जिसमें ढाई लाख कर्मचारी होते और जिसका राजस्व 50 अरब डॉलर तक पहुँच जाता.
अधिग्रहण होने की सूरत में बननेवाली कंपनी दुनिया के कुल स्टील उत्पादन का 10 प्रतिशत हिस्सा बनाती.
आर्सेलर को ख़रीदने की मित्तल समूह की कोशिशों का फ्रांस द्वारा विरोध किए जाने पर भारत सरकार चिंता प्रकट चुकी है.
इस्पात कारोबार
लक्ष्मी मित्तल ने यूरोप और अमरीका में धड़ाधड़ कई कंपनियाँ ख़रीदी और खोली हैं.
लक्ष्मी मित्तल ने कहा है कि उनका अनुमान है कि आने वाले दस बरसों में दुनिया भर के इस्पात व्यापार का पाँचवाँ हिस्सा सिर्फ़ तीन कंपनियों के नियंत्रण में होगा.
पिछले दिनों इस्पात की क़ीमतों में हुई बढ़ोत्तरी के कारण लक्ष्मी मित्तल की कमाई में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है.
बिज़नेस पत्रिका फ़ोर्ब्स के मुताबिक लक्ष्मी मित्तल दुनिया के तीसरे नंबर के सबसे अमीर व्यक्ति हैं.
उनसे ऊपर सिर्फ़ दो लोगों का नाम आता है – माइक्रोसॉफ़्ट के बिल गेट्स और वॉरेन बफ़ेट. ब्रिटेन में बसे मित्तल ब्रिटेन के सबसे धनी व्यक्ति हैं.
उनकी कंपनी का मुख्यालय लंदन और हॉलैंड में है.कंपनी का गठन वर्ष 2004 में तीन कंपनियों के विलय के बाद हुआ था और विलय के बाद से ही इसका कारोबार बहुत तेज़ी से बढ़ा है.