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मंगलवार, 28 फ़रवरी, 2006 को 10:48 GMT तक के समाचार

बजट पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

वित्त मंत्री पी चिदंबरम के वर्ष 2006-2007 के बजट पर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ मिल रही हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस बजट को आम आदमी का बजट कहा है, उन्होंने इसे विकास और सामाजिक न्याय का संगम बताया है.

सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वामपंथी दलों ने कहा है कि बजट की दिशा तो ठीक है लेकिन विभिन्न योजनाओं के लिए जितनी राशि दी गई है वह बिल्कुल अपर्याप्त है.

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता गुरुदास दासगुप्ता ने कहा है कि यह बजट ग़रीबी दूर करने वाला नहीं है, इसमें रोज़गार पैदा करने के प्रावधान नहीं हैं, काले धन के ख़िलाफ़ कोई बात नहीं कही गई है.

उन्होंने कहा कि ये बजट ग़रीबों के लिए नहीं बल्कि कार्पोरेट सेक्टर के लिए बनाया गया है.

दासगुप्ता ने कहा, "सिगरेट पर टैक्स लगाया गया है लेकिन जो लोग विदेशी सिगरेट पीते हैं उनके बारे में कुछ नहीं कहा गया है, शायद चिदंबरम अपने बारे में सोच रहे थे."

सरकार में शामिल लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने इस बजट का स्वागत किया है, पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने इसे बढ़िया बजट बताया है जिसमें "सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है."

समाजवादी पार्टी ने इस बजट पर अफ़सोस प्रकट किया है, पार्टी के वरिष्ठ नेता रामजी लाल सुमन ने कहा, "यह बजट गरीब विरोधी है, इसमें किसानों का पूरा ध्यान नहीं रखा गया है, दरअसल यह एक दिशाहीन बजट है."

मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने भी इस बजट पर नकारात्मक प्रतिक्रिया का इज़हार किया है, पार्टी के वरिष्ठ नेता अनंत कुमार ने कहा, "यह बजट आम आदमी का नहीं बल्कि आम आदमी के ख़िलाफ़ है, इसमें सिर्फ़ व्यापारिक घरानों का ध्यान रखा गया है."