सोमवार, 30 जनवरी, 2006 को 17:44 GMT तक के समाचार
मित्तल स्टील के प्रमुख लक्ष्मीनिवास मित्तल ने आश्वासन दिया है कि यदि यूरोप की बड़ी स्टील कंपनी आर्सेलर की बोली स्वीकार कर ली गई तब भी वो यूरोप के अपने संयंत्र बंद नहीं करेंगे.
उन्होंने आश्वासन दिया कि इसकी वजह से लोगों की नौकरियाँ नहीं जाएंगी.
मित्तल ने पेरिस में एक संवाददाता सम्मेलन में ये घोषणा की. पिछले कुछ दिनों से आर्सेलर को लेकर खींचतान चल रही है.
लक्ष्मी मित्तल ने कहा,'' हम आर्सेलर के वादों का सम्मान करेंगे. न तो नौकरियों में कोई कटौती होगी और न ही कर्मचारियों की संख्या में कोई फेरबदल होगा."
इसके पहले आर्सेलर ने दुनिया की सबसे बड़ी स्टील कंपनी मित्तल स्टील की ओर से ख़रीद के लिए लगाई गई लगभग 23 अरब डॉलर की बोली ठुकरा दी थी.
रविवार को आर्सेलर की ओर से एक बयान जारी कर कहा गया था अधिग्रहण से कंपनी, शेयर धारकों और लगभग 90 हज़ार कर्मचारियों के हितों को नुक़सान पहुँचेगा.
चार साल पहले फ्रांस, लक्ज़मबर्ग और स्पेन की इस्पात कंपनियों को विलय करके आर्सेलर का गठन किया गया था.
मित्तल स्टील ने शुक्रवार को आर्सेलर को ख़रीदने के लिए संपर्क किया था जिसकी ख़बर मिलते ही एरसेलोर के शेयर की क़ीमतों में 30 प्रतिशत तक का उछाल आ गया.
मालदार मित्तल
मित्तल स्टील के प्रमुख लक्ष्मीनिवास मित्तल दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं.
मित्तल स्टील ने पिछले वर्ष यूक्रेन की सबसे बड़ी स्टील कंपनी को ख़रीदा था और फ़िलहाल 14 देशों में इसके इस्पात संयंत्र हैं.
मित्तल स्टील भारत के झारखंड राज्य में भी बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश करने जा रही है.
अगर मित्तल स्टील आर्सेलर का अधिग्रहण कर लेती तो इसके बाद ये एक विशाल कंपनी का रूप ले लेती जिसमें ढाई लाख कर्मचारी होते और जिसका राजस्व 50 अरब डॉलर तक पहुँच जाता.