शुक्रवार, 27 जनवरी, 2006 को 18:14 GMT तक के समाचार
दुनिया की सबसे बड़ी स्टील निर्माता कंपनी मित्तल स्टील ने अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनी आर्सेलर को ख़रीदने के लिए लगभग 18 अरब डॉलर की बोली लगाई है.
लक्ज़मबर्ग स्थित कंपनी आर्सेलर को ख़रीदने में मित्तल स्टील की दिलचस्पी की ख़बर मिलते ही एरसेलोर के शेयर की क़ीमतों में 30 प्रतिशत तक का उछाल आ गया.
मित्तल स्टील का कहना है कि वह आर्सेलर के एक शेयर के लिए 28 यूरो देने को राज़ी है.
आर्सेलर ने कहा है कि मित्तल स्टील उसे 'ज़बरदस्ती' ख़रीदने की कोशिश कर रहा है लेकिन वे कोई फ़ैसला अपने निदेशक मंडल की बैठक के बाद ही करेंगे.
दबाव
आर्सेलर की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "हम इसे जबरन अधिग्रहण की कोशिश मानते हैं, इसके बारे में दोनों कंपनियों के बीच पहले कोई बात नहीं हुई थी."
अगर आर्सेलर के निवेशकों ने इस सौदे को मंज़ूरी दे दी तो एक ऐसी कंपनी सामने आएगी जिसमें ढाई लाख से अधिक कर्मचारी होंगे और उसका कारोबार 50 अरब डॉलर से अधिक होगा.
लेकिन इतना ज़रूर है कि अगर यह सौदा हुआ तो उसे यूरोपीय आयोग और अन्य आर्थिक नियामकों की जाँच पर खरा उतरना होगा.
मित्तल स्टील का गठन तीन कंपनियों के विलय के बाद वर्ष 2004 में हुआ था जिसका मुख्यालय लंदन और हॉलैंड में है और दुनिया के 14 देशों में कंपनी की स्टील मिलें हैं.
मित्तल स्टील भारत के झारखंड राज्य में बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश करने जा रही है.
मित्तल स्टील के चेयरमैन लक्ष्मीनिवास मित्तल दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में शामिल हैं.