बुधवार, 11 जनवरी, 2006 को 21:41 GMT तक के समाचार
मोनिका चड्ढा
बीबीसी संवाददाता, मुंबई
भारत में सरकारी विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया ने बोइंग से 68 विमान ख़रीदने के लिए 11 अरब डॉलर के सौदे पर हस्ताक्षर किए है. इस सौदे के बाद इस साल नवंबर में एयर इंडिया को विमानों की पही खेप मिलेगी.
इसे भारत में किसी भी विमान सेवा देने वाली कंपनी की ओर से सबसे बड़ा समझौता माना जा रहा है. इस समझौते पर एयर इंडिया के चेयरमैन और महानिदेशक वी तुलसीदास और बोइंग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और अध्यक्ष एलेन मुलाली ने दस्तख़त किए.
समझौते पर दस्तख़त होने से पहले एयर इंडिया और बोइंग के बीच कई दौर की बातचीत हुई. केंद्रीय कैबिनेट ने पिछले महीने इस सौदे को मंज़ूरी दे दी थी.
लेकिन क़ीमत को लेकर आख़िरी फ़ैसला मंत्रियों के समूह पर छोड़ा गया था. इस समझौते के तहत एयर इंडिया ने 23 बोइंग 777 विमान (777-200 श्रेणी के आठ विमान और 777-300 श्रेणी के 15 विमान), 27 बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर्स और 18 बोइंग 737-800 विमानों का ऑर्डर दिया है.
आधुनिक
इनमें से 18 बोइंग 737-800 श्रेणी के विमान एयर इंडिया की सहायक कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस के लिए मंगाए जा रहे हैं. एयर इंडिया एक्सप्रेस कम क़ीमत वाली विमान सेवा है जो ज़्यादातर खाड़ी के देशों के लिए उड़ान भरती है.
एयर इंडिया के चेयरमैन वी तुलसीदास ने कहा कि इन विमानों के एयर इंडिया में शामिल होने से कंपनी को अपना नेटवर्क बढ़ाने और विमान सेवा को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी.
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि इस समझौते से एयर इंडिया घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा बाज़ार में अपने को प्रतियोगी बना पाएगी.
उन्होंने कहा कि भारत में विमान सेवा उद्योग तेज़ी से बढ़ रहा है और अगले 10 वर्षों में इसके 20 से 25 फ़ीसदी की दर से बढ़ने की संभावना है.
समझौते के मुताबिक़ भारत से उद्यम और उपकरण मंगाने में बोइंग 1.9 अरब डॉलर ख़र्च करेगा. इस पर भी सहमति हुई है कि बोइंग कंपनी भारत में एक रखरखाव, मरम्मत और एक निरीक्षण केंद्र के साथ-साथ एक पॉयलट प्रशिक्षण केंद्र खोलेगी.