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रूस और यूक्रेन के बीच गैस विवाद

रूस और यूक्रेन के बीच गैस की कीमतों को लेकर तीखा विवाद खड़ा हो गया है.

यूक्रेन रूस से गैस का आयात करता है और रूस गैस की कीमत चार गुना बढ़ाना चाहता है जिसपर मामला अटक गया है.

रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने संकट के हल के लिए प्रस्ताव रखा है कि उनका देश यूक्रेन को तीन और महीने तक रियायती दर पर ही गैस की आपूर्ति करेगा, बशर्ते यूक्रेन अप्रैल महीने से चार गुना अधिक राशि देने के लिए राज़ी हो जाए.

इसके बाद यूक्रेन ने कहा है कि वह इस बारे में और बात करना चाहता है.

रूसी राष्ट्रपति विक्टोर यूश्चेंको ने कहा है कि ऐसे किसी हल के बारे में बातचीत होनी चाहिए जो यूक्रेन और रूस दोनों के हित में हो.

वैसे एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि यूक्रेन में कई लोग ऐसा समझते हैं कि रूस जो भी कर रहा है उसके पीछे राजनीतिक कारण हैं.

संवाददाता के अनुसार ऐसे लोग मानते हैं कि रूस यूक्रेन और यूरोप के बीच संबंधों में निकटता के प्रयासों से नाराज़ है.

फ़िलहाल गतिरोध बना हुआ है और यदि जल्दी कोई समझौता नहीं हुआ तो रूसी गैस आपूर्तिकर्ता कंपनी गैज़प्रोम रविवार सुबह से यूक्रेन के लिए गैस की आपूर्ति बंद कर सकता है.

'समुचित भंडार'

यूक्रेन के अधिकारियों का कहना है कि उनके पास गैस का समुचित भंडार है जिनसे ठंड के मौसम में उनका काम चल सकता है.

यूक्रेन हर वर्ष 80 अरब घन मीटर गैस का उपभोग करता है जिसमें से 30 प्रतिशत हिस्सा रूस से आता है.

रूस से भी अधिक यूक्रेन, तुर्कमेनिस्तान से गैस का निर्यात करता है.

यूक्रेन स्वयं जितने गैस का उत्पादन करता है उससे उसकी केवल एक चौथाई ज़रूरत पूरी हो सकती है.

इस बीच एक दूसरी आशंका ये भी उठ खड़ी हुई है कि अगर यूक्रेन को गैस आपूर्ति बंद हुई तो हो सकता है कि यूरोप के कई देशों को इसका नुक़सान उठाना पड़े क्योंकि रूस पश्चिमी यूरोप के कम से कम एक चौथाई देशो को गैस आपूर्ति करता है और इन सभी देशों तक गैस के पाइप यूक्रेन से ही होकर जाते हैं.