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मंगलवार, 20 दिसंबर, 2005 को 07:55 GMT तक के समाचार

चीन की अर्थव्यवस्था उम्मीद से बड़ी

चीन के सरकारी आँकड़ों से ये पता चलता है चीन की अर्थव्यवस्था उस अनुमान से कहीं बड़ी है जितना कि सोचा जा रहा था.

चीन सरकार ने वर्ष 2004 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आँकड़ों में सुधार किया है और अब देश की जीडीपी दर 16.8 प्रतिशत बताई है.

चीन के आर्थिक विकास की दर को पहले नौ प्रतिशत बताया जा रहा था जिसे बहुत पहले से ही आर्थिक विश्लेषक चीन की अर्थव्यवस्था के हिसाब से कम मान रहे थे.

इन आँकड़ों के बाद चीन अब दुनिया में एक पायदान ऊपर चढ़कर छठे नंबर की आर्थिक महाशक्ति बन गया है.

चीन ने इटली को पीछे छोड़ दिया है और उसकी अर्थव्यवस्था अब ब्रिटेन और फ्रांस के काफ़ी निकट पहुँच गई है.

लेकिन कुछ आलोचक ये समझते हैं कि चीन अब ब्रिटेन और फ़्रांस से आगे जाकर दुनिया में चौथे नंबर की अर्थव्यवस्था बन चुका है.

चीन एशिया की सबसे बड़ी महाशक्ति जापान की अर्थव्यवस्था के भी नज़दीक पहुँचने जा रहा है.

आलोचकों का कहना है कि अगर चीन इस क्षेत्र की सबसे बड़ी महाशक्ति बना तो इससे कुछ राजनीतिक चिंताएँ पैदा हो सकती हैं.

आँकड़े

चीन की अर्थव्यवस्था के बारे में ये आँकड़े चीन की पहली राष्ट्रीय आर्थिक गणना में सामने आए हैं.

चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो ने पाया कि पहले जो आँकड़े आए थे उनमें सेवा क्षेत्र को ठीक से दर्ज़ नहीं किया गया था.

नई रिपोर्ट के अनुसार चीन की अर्थव्यवस्था 2300 अरब युआन या 283 अरब डॉलर अधिक है.

इसके अनुसार चीन की आर्थव्यवस्था का आकार वर्ष 2004 में अनुमानित तौर पर 16000 अरब युआन रहा.

इनमें सेवा क्षेत्र का योगदान 93 प्रतिशत है जो ये बताता है कि ये क्षेत्र चीन की अर्थव्यवस्था में कितना महत्वपूर्ण है.

चीन की अर्थव्यवस्था पिछले दिनों निर्यात में तेज़ी और घरेलू माँग में वृद्धि के कारण ऊपर की ओर जा रही थी.

मगर आर्थिक विकास दर में वृद्धि के बावजूद चीन में प्रति व्यक्ति उत्पाद काफ़ी कम है.