रविवार, 18 दिसंबर, 2005 को 11:52 GMT तक के समाचार
हॉन्गकॉन्ग में डब्ल्यूटीओ की बैठक अंतिम दौर में है लेकिन संकेत मिले हैं कि वार्ताकार किसी तरह के समझौते के करीब ही हैं.
बीबीसी संवाददाता के अनुसार विवादास्पद मुद्दों का हल सुझाते हुए एक नए समझौते के मसौदे पर चर्चा हो रही है.
नए समझौते के मसौदे के तहत पश्चिमी देशों में, विशेष तौर पर यूरोपीय संघ में, कृषि संबंधित निर्यात सब्सिडी यानि रियायतों को 2013 तक ख़त्म किया जाएगा.
वार्ता में शामिल भारत के वाणिज्य मंत्री कमल नाथ का कहना है कि इस समझौते से ग़रीब किसानों को काफ़ी मदद मिल सकती है.
बीबीसी संवाददाता के अनुसार बीस विकासशील देशों के प्रतिनिधियों ने कहा है कि ऐसा लगता है कि नया समझौता अपनाने लायक है.
यूरोपीय संघ के व्यापार आयुक्त पीटर मैंडलसन का कहना है कि नए समझौते का मसौदा अपनाने लायक है.
इसी के साथ अगले साल तक कपास पर दी जाने वाली निर्यात सब्सिडी को ख़त्म किया जाएगा.
नए समझौते के मसौदे में ये भी प्रावधान है कि अमीर देश अत्यंत ग़रीब विकासशील देशों के उत्पाद पर लगाए जाने वाले आयात कर हटा देंगे.
बीबीसी के आर्थिक मामलों के संवाददाता का कहना है कि ये नहीं है कि जिस मसौदे पर सहमति बनती है वह अंतिम होगा. उनके अनुसार वह अगले साल इन मुद्दों पर होने वाली चर्चा का आधार बनेगा.
ज़बरदस्त प्रदर्शन
इस बीच दक्षिण कोरिया से आए प्रदर्शनकारियों और हॉन्गकॉन्ग पुलिस के बीच रात में ज़बरदस्त संघर्ष हुआ.
भयानक संघर्ष का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यूरोपीय संघ के व्यापार मामलों के प्रभारी पीटर मंडेलसन को सम्मेलन स्थल तक पहुँचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा.
इसके बाद वार्ताकार जब बैठे तब चर्चा लगभग बारह घंटे तक चली.
जहाँ तक व्यापार और सेवा क्षेत्र का सवाल है पश्चिमी देशों ने अपने लक्ष्य काफ़ी घटा दिए हैं लेकिन अपने बाज़ारों को करों से रहित करने की कोशिश करेंगे.
वैसे कई ग़रीब देश अपने सेवा क्षेत्र यानी सर्विसेज़ सेक्टर में उदारीकरण से काफ़ी नाराज़ हैं.