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गुरुवार, 15 दिसंबर, 2005 को 00:39 GMT तक के समाचार

व्यापार मुद्दे पर अमीर देशों की आलोचना

विकासशील देशों ने अमरीका और यूरोपीय संघ से कहा है कि विश्व व्यापार संगठन की बैठक में बातचीत में आए गतिरोध को दूर करने के लिए वो कृषि सब्सिडी में कटौती करें.

जी-20 देशों का कहना है कि कृषि उत्पादों के निर्यात पर सब्सिडी ख़त्म करने के लिए यूरोपीय संघ को समयसीमा तय करनी चाहिए.

वार्ता के बारे में भारत के वाणिज्य मंत्री कमलनाथ ने कहा, "बातचीत आगे नहीं बढ़ी है क्योंकि कृषि के मुद्दे पर सहमति नहीं हो पाई है."

अमरीका के व्यापार प्रतिनिधि रॉब पोर्टमैन ने भी स्वीकार किया है कि कृषि सब्सिडी कम करने का मुद्दा डब्ल्यूटीओ बैठक की सफलता के लिए अहम है.

कृषि सब्सिडी

कृषि सब्सिडी के मसले पर अमरीका और यूरोपीय संघ के बीच मतभेद हैं और हॉंगकॉंग में चल रही बैठक में पिछले दो दिनों से यही मुद्दा छाया हुआ है.

अमरीका ने यूरोपीय संघ से कहा है कि वो खाद्य पदार्थों पर आयात शुल्क कम करे जबकि यूरोपीय संघ का तर्क है कि हॉंगकॉंग में हो रही वार्ता में कृषि सिर्फ़ 'एक' मुद्दा है.

इन मतभेदों के चलते सेवा क्षेत्र जैसे मुद्दों पर भी बातचीत नहीं हो पा रही.

उधर डब्ल्यूटीओ बैठक में हिस्सा लेने आए ब्राज़ील के विदेश मंत्री का कहना है कि यूरोपीय संघ को कृषि सब्सिडी कम करनी चाहिए जबकि अमरीका को कपास उगाने वाले किसानों को मिलने वाली सब्सिडी में कटौती करनी चाहिए.

कपास सब्सिडी के मुद्दे पर कोई प्रगति न होने की सूरत में अफ़्रीकी देशों ने डब्ल्यूटीओ बैठक बीच में ही छोड़ कर जाने की चेतावनी दी है.

अफ़्रीकी देशों की दलील है कि अमरीका द्वारा अपने किसानों दी जाने वाली सब्सिडी के चलते वैश्विक स्तर पर उनके किसानों को उचित कीमत नहीं मिल पाती.

उधर ग़रीब देशों ने केलों पर यूरोपीय संघ की नई शुल्क दरों की भी आलोचना की है. ये दरें एक जनवरी से लागू हो रही हैं.

इस बीच वैश्वीकरण के विरोध में प्रदर्शनों का सिलसिला लगातार जारी है.