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शुक्रवार, 02 दिसंबर, 2005 को 13:27 GMT तक के समाचार

आख़िरकार साफ़्टा पर हुआ समझौता

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के देशों में दक्षिण एशिया मुक्त व्यापार क्षेत्र (साफ़्टा) पर समझौता हो गया है. साफ़्टा अगले साल एक जनवरी से लागू हो जाएगा.

भारत सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार वाणिज्य और उद्योग मंत्री कमलनाथ ने इसकी घोषणा की है.

कमलनाथ इस समय ब्रसेल्स में जी-90 देशों के सम्मेलन में शामिल हिस्सा ले रहे हैं. उन्हें सम्मेलन में शामिल होने के लिए विशेष आमंत्रण दिया गया था.

दरअसल नेपाल की राजधानी काठमांडू में साफ़्टा पर विशेषज्ञों की समिति की बैठक 29 नवंबर से एक दिसंबर तक हुई. इस बैठक में अधर में पड़े कई मामलों पर चर्चा हुई.

इस बैठक से मिली जानकारी के बाद ही कमलनाथ ने साफ़्टा पर समझौते की घोषणा की.

समझौता

जनवरी 2004 में इस्लामाबाद में हुए 12वें सार्क सम्मेलन के दौरान साफ़्टा पर हस्ताक्षर हुए थे. इसे लागू करने के लिए जनवरी 2006 तक की समयसीमा तय की गई थी.

वैसे 2016 तक ही साफ़्टा पूरी तरह लागू हो जाएगा. इसे लागू करने में इसलिए देरी हुई क्योंकि कई देशों ने इस पर आपत्ति जताई थी.

इस साल नवंबर में ढाका में हुए सार्क शिखर सम्मेलन के दौरान नेताओं से अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे समयसीमा के भीतर इसे तय करें कि साफ़्टा लागू हो जाए.

लेकिन कई दौर की बातचीत के बाद इस पर सहमति हो गई है. कमलनाथ ने बताया, "साफ़्टा के लागू होने से सार्क देशों के बीच व्यापार संबंध और सुदृढ़ होंगे."

साफ़्टा लागू होने के बाद क्रमबद्ध तरीक़े से सार्क देशों के बीच व्यापार में लगने वाले शुल्क को उदार बनाया जाएगा. सार्क देशों में जो देश ज़्यादा विकसित हैं वे कम विकसित देशों के लिए तीन साल के भीतर व्यापार शुल्क को कम कर देंगे.

सार्क में भारत के साथ-साथ पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका और मालदीव शामिल हैं.