सोमवार, 28 नवंबर, 2005 को 21:55 GMT तक के समाचार
भारत के तेल मंत्री मणिशंकर अय्यर ने भविष्य में देश की ऊर्जा की ज़रूरतों को पूरा करने के बारे में चिंता जताई है.
उन्होंने ये चिंता आने वाले दिनों में भारत के तेल और प्रकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) की उत्पादक क्षमता और गिरने के संदर्भ में व्यक्त की है.
उधर ओएनजीसी ने सरकार की चिंताओं को दूर करने की कोशिश के तहत वादा किया है कि वह वर्ष 2020 तक अपने तेल भंडार दोगुना कर लेगा.
ओएनजीसी का कहना है कि नई खोज और बेहतर तकनीक से तेल भंडार बढ़ाए जाएँगे.
पिछले कई साल से भारत के सबसे बड़े तेल उत्पादक की क्षमता पाँच लाख बीस हज़ार बैरल प्रति दिन के स्तर पर रुकी हुई है.
अय्यर ने गिरते तेल उत्पादन की बात तब उठाई है जब भारत की तेज़ी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था के लिए ऊर्जा की माँग बढ़ रही है.
अय्यर का कहना था, "मैं अपने कर्तव्य पालन से पीछे हट जाऊँगा यदि मैं देश का ध्यान कुछ आँखे खोल देने वाले तथ्यों की ओर आकर्षित नहीं करता."
उनका कहना था, "भारत के अनुमानित तेल भंडारों में से बीस प्रतिशत की खोज होनी अभी बाक़ी है."
उधर ओएनजीसी के प्रवक्ता का कहना था, "चिंता की कोई बात नहीं है. ओएनजीसी की देश को तेल के मामले में सुरक्षा प्रदान करने की स्पष्ट योजना है."
भारत ऊर्जा के क्षेत्र में माँग पूरी करने के लिए जूझ रहा है और अगले बीस साल तक हर साल ये माँग पाँच प्रतिशत की दर से बढ़ने की संभावना है.
सरकार वर्ष 2006-2007 में दो करोड़ टन कोयला आयात करने की योजना की घोषणा कर चुकी है.