शुक्रवार, 18 नवंबर, 2005 को 15:28 GMT तक के समाचार
कोल्ड ड्रिंक्स बनाने वाली कंपनी कोका कोला पर इन दिनों ख़तरे के बादल मंडरा रहे हैं. पिछले सात सालों में कोका कोला के शेयरों के दाम आधे हो गए हैं.
मोटापे जैसी समस्या और सेहत पर असर के चलते कंपनी विवाद के घेरे में है. सेहतमंद शीतल पेय की ओर बढ़ते रूझान का असर कंपनी पर देखा जा सकता है.
ब्रिटेन और अमरीका में भी कई स्तर पर कोक का विरोध हो रहा है. अमरीका में कैलिफ़ोर्निया के गवर्नर और अभिनेता आर्नल्ड श्वार्ज़नेगर भी कोक के ख़िलाफ़ अभियान चला रहे हैं.
उन्होंने कैलिफ़ोर्निया के स्कूलों में सभी कोल्ड ड्रिंक्स की बिक्री पर रोक लगाने के लिए एक विधेयक पारित किया है और अभिभावकों ने भी इस फ़ैसले का खुले दिल से स्वागत किया है.
ब्रिटेन में भी कई स्कूलों ने कोक बेचने पर रोक लगा दी है.
नकारात्मक छवि
ग़रीब देशों में कोका कोला की परियोजनाओं पर सवाल उठते रहे हैं और इसी के चलते ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों में भी छात्रों में इसका विरोध बढ़ा है.
हालाँकि कंपनी इन आरोपों से इनकार करती रही है लेकिन नकारात्मक प्रचार और छात्रों का विरोध कंपनी की छवि के लिए अच्छी ख़बर नहीं है.
अमरीका की विदेश नीति से असहमत कई लोग भी अमरीकी पदार्थों के बजाय ग़ैर अमरीकी वस्तुएँ ख़रीद रहे हैं. इसका सीधा असर कोक की बिक्री पर पड़ा है.
कंपनी इन समस्याओं से निपटने में जुटी तो हुई है और उसे कुछ सफलता भी मिली है. लेकिन आज भी कंपनी के शेयरों के दाम 1998 के दामों के मुक़ाबले आधे भी नहीं है.
बीबीसी संवाददाता के अनुसार अगर कंपनी ने अपनी रणनीति में थोड़ी भी चूक की तो इसका सीधा फ़ायदा प्रतिदंद्धी कंपनी पेप्सी को मिलेगा.