गुरुवार, 22 सितंबर, 2005 को 14:25 GMT तक के समाचार
इलेक्ट्रोनिक्स क्षेत्र में दुनिया की जानी-मानी कंपनी सोनी दुनिया भर में अपनी कंपनी से 10,000 कर्मचारियों की छँटनी करेगा.
कंपनी के पुनर्गठन की योजना के तहत हो रही इस छँटनी को मार्च 2008 तक पूरा कर लिया जाएगा.
योजना के तहत सोनी से लगभग सात प्रतिशत नौकरियाँ ख़त्म की जा रही हैं.
जापानी कंपनी सोनी के लिए पूरी दुनिया के 80 देशों में लगभग 1,51,400 कर्मचारी काम करते हैं.
छँटनी की योजना के अनुसार जापान में 4,000 नौकरियाँ समाप्त की जाएँगी.
अन्य देशों से 6,000 नौकरियाँ ख़त्म की जाएँगी.
साथ ही कंपनी पूरी दुनिया में अपने 65 कारखानों में से 11 को या तो बंद कर देगी या उन्हें बेच देगी.
सोनी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इलेक्ट्रोनिक उत्पाद निर्माता कंपनी है. सोनी से बड़ी कंपनी मत्सुशिता है जो सोनी की ही तरह जापानी कंपनी है.
सोनी का संकट
सोनी को पिछले कुछ अर्से से इलेक्ट्रोनिक उत्पादों के क्षेत्र में भारी प्रतियोगिता का सामना करना पड़ रहा है.
सोनी ने एक समय में वॉकमैन का आविष्कार कर तहलका मचाया था लेकिन उसके बाद अमरीकी कंपनी ऐपल ने आइपॉड निकालकर वॉकमैन को पीछे छोड़ दिया.
इसी तरह फ़्लैट स्क्रीन टेलीविज़नों के बाज़ार में भी सोनी दूसरे प्रतियोगियों के सामने बहुत अच्छी स्थिति में नहीं रह सका है.
पिछले पाँच वर्षों में सोनी के शेयरों की कीमत दो तिहाई कम हो गई है.
कंपनी को उबारने के प्रयासों के तहत सोनी के 59 वर्षों के इतिहास में पहली बार किसी ग़ैर जापानी व्यक्ति को कंपनी का मुख्य कार्यकारी बनाया.
इस वर्ष मार्च में ब्रिटेन में जन्मे सर हॉवर्ड स्ट्रिंगर का मुख्य कार्यकारी नियुक्त किया गया.