गुरुवार, 15 सितंबर, 2005 को 04:42 GMT तक के समाचार
अमरीका की दो बड़ी विमान कंपनियों, डेल्टा और नॉर्थवेस्ट ने दिवालिएपन के लिए आवेदन किया है.
अमरीका में चार साल पहले 11 सितंबर को हुए हमले के बाद दोनों कंपनियाँ भारी घाटे से जूझ रही थीं.
बीबीसी के व्यावसायिक मामलों के एक संवाददाता का कहना है कि तेल और वायुयान में इस्तेमाल होनेवाले ईंधन की कीमतें बढ़ जाने के कारण दोनों ही कंपनियों को अच्छा ख़ासा नुक़सान हुआ है.
संवाददाता के अनुसार फ़िलहाल यात्रियों पर इसका कोई असर नहीं पड़नेवाला है.
इससे पहले अमरीका की दो और बड़ी विमान कंपनियाँ, युनाईटेड एयरलाइंस और यूएस एयरवेज़, स्वयं को दिवालिया घोषित करवा चुकी हैं.
संरक्षण
दिवालियेपन का आवेदन स्वीकृत होने के बाद इन कंपनियों को चार्टर 11 के तहत संरक्षण मिल जाता है.
इस क़ानून में अमरीकी कंपनियों को ये सुविधा मिल जाती है कि वे अपना काम जारी रखते हुए अपनी वित्तीय स्थिति ठीक करने के लिए प्रबंध करें.
राजस्व के हिसाब से डेल्टा अमरीका की तीसरी बड़ी विमान कंपनी है और नॉर्थवेस्ट चौथी.
अटलांटा स्थित कंपनी डेल्टा के अधिकारियों का कहना है कि दिवालिएपन के लिए आवेदन इसलिए किया गया ताकि ' कंपनी की वित्तीय समस्याओं पर ध्यान दिया जा सके और कंपनी को अधिक योग्य और किफ़ायती बनाया जा सके'.
कारण
डेल्टा के प्रमुख कार्यकारी जेराल्ड ग्रीनस्टीन का कहना था,"अपने निवेशकों, ग्राहकों, कर्मचारियों और व्यावसायिक सहयोगियों के हितों को ध्यान में रखते हुए ये क़दम आवश्यक था".
वहीं मिनेसोटा स्थित नॉर्थवेस्ट के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी डोउग स्टीनलैंड ने कहा,"जैसा कि हम पहले से कहते रहे हैं, एयरलाइंस उद्योग स्थाई रूप से बदल गया है और नॉर्थवेस्ट को दूसरी कंपनियों से प्रतियोगिता करने के लिए लागत कम करनी होगी".
डेल्टा और नॉर्थवेस्ट के दिवालिएपन की अटकलें पिछले कई महीने से जारी थीं.
डेल्टा को वर्ष 2001 से अब तक 10 अरब डॉलर का घाटा हुआ है और उसपर 14 अरब डॉलर का कर्ज़ है.
वहीं नॉर्थवेस्ट की समस्या कर्मचारियों के ख़र्चे को लेकर है और वह उसमें एक अरब डॉलर से अधिक की कमी करना चाहता है.